जयपुर रोड स्थित होटल होली डे रिजॉर्ट में 20 फरवरी की रात चौकीदार पर फायरिंग के मामले में पुलिस ने गिरफ्तार तीन आरोपियों के कब्जे से वारदात में प्रयुक्त एक देशी कट्टा व दो पिस्तौल बरामद की है। पुलिस जांच में सामने आया है कि यह वारदात होटल किराए से संचालित करने वाले रामस्वरूप जाट और उसके आपराधिक प्रवृत्ति के साथी मोहित व रोहित मेहरा ने अंजाम दी थी। वारदात के दौरान रात्रि चौकीदार तेजपाल को यह अंदेशा हुआ कि होटल के भटियार खाने के पास कुछ संदिग्ध लोग हैं। इस पर उसने शोर मचाया तो होटल में पहले से ठहरे बदमाश होटल संचालक के साथ वहां पहुंचे और अंधेरे में फायरिंग कर दी। निशाना चूकने पर गोली चौकीदार के पैर में लगी। चौकीदार को आरोपियों ने ही अस्पताल पहुंचाया। लेकिन खुद का अपराध छुपाने और होटल मालिक से रंजिश का बदला लेने की मंशा से आरोपियों ने गार्ड को यह झूठी कहानी पुलिस को सुनाने के लिए कहा था कि होटल में हमले की मंशा से घुसे बदमाशों ने फायरिंग कर उसे घायल किया है। पुलिस जांच की दिशा होटल मालिक निर्मल कोडवानी की तरफ मोड़ने की कोशिश आरोपियों ने की थी, लेकिन पुलिस जांच में वास्तविकता सामने आ गई, आरोपियों की झूठी कहानी का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया। जांच अधिकारी रामगंज थाना प्रभारी रवीश सामरिया ने बताया कि तेजपाल के बयान के आधार पर घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी कैमरे की जांच की तो उसके बयानों में विरोधाभास पाया गया। पुलिस ने जांच की दिशा होटल स्टाफ की तरफ मोड़ते हुए होटल संचालक व होटल में काम करने वाले नौकरों से मनोवैज्ञानिक तरीके से पूछताछ की, तो वास्तविक कहानी सामने आ गई। होटल संचालक रामस्वरूप ने ठहराए थे बदमाश होटल मालिक निर्मल कोडवानी ने किराएदार रामस्वरूप, शिवराज और अन्य पार्टनरों को होटल खाली करने का लीगल नोटिस दिया था, लेकिन किरादार होटल छोड़ना नहीं चाहते थे। होटल खाली करने की एवज में वे होटल मालिक कोडवानी से करीब 80 लाख रुपए की डिमांड कर रहे थे। इस रंजिश के चलते शिवराज को आशंका थी कि कोडवानी बलपूर्वक उससे होटल का कब्जा बलपूर्वक ले सकता है। किता है। आशंका के तहत बचाव के लिए शिवराज ने अपने भाई रामस्वरूप जाट और उसके साथी मोहित तंबोली उर्फ कल्ला व रोहित मेहरा उर्फ मोनू व अन्य बदमाशों को बुलाकर होटल में ठहरा दिया था, ताकि होटल खाली कराने की कार्रवाई का वह बलपूर्वक विरोध कर सके। फायरिंग में गलती से लगी थी गार्ड को गोली रामस्वरूप के कहने पर मोहित तंबोली ने अपने मिलने वाले बदमाशों से हथियार की व्यवस्था की थी। घटना के समय गलती से फायरिंग में गार्ड के घायल हो गया तो आरोपियों ने पुलिस को भ्रमित करने और कोडवानी को हमले की साजिश में फंसाने के लिए झूठी कहानी रची थी। तीनों आरोपियों के खिलाफ विभिन्न थानों में पहले से कई आपराधिक प्रकरण दर्ज है। ( इनपुट -श्रवण नाथ भुडोल) यह खबर भी पढ़े….. होटल के गार्ड को बदमाशों ने मारी गोली:चोरी के इरादे से अंदर घुसने वाले थे, रसोई के पीछे छुपे थे


