भास्कर न्यूज | बैकुंठपुर ग्राम पंचायत कंचनपुर में कोविड-19 महामारी के दौरान डीआरडीओ द्वारा स्थापित ऑक्सीजन प्लांट पिछले तीन वर्षों से पूरी तरह बंद पड़ा हुआ है। करीब 1 करोड़ रुपए की लागत से स्थापित यह प्लांट में एक साल के भीतर चोरों ने दो बार चोरी की घटना को अंजाम दिया। इसके बाद से प्लांट बंद पड़ा है और इसकी सुरक्षा के लिए स्वास्थ्य विभाग के द्वारा लोहे की छड़ से गेट को बंद किया और अंदर महंगी मशीनें स्थापित है। कोविड काल में ऑक्सीजन की किल्लत को देखते हुए केंद्र सरकार और डीआरडीओ के सहयोग से कंचनपुर स्थित कोविड अस्पताल में इस आक्सीजन प्लांट की स्थापना की थी, ताकि आपात स्थिति में जिले के मरीजों को समय पर ऑक्सीजन उपलब्ध कराई जा सके, लेकिन महामारी समाप्त होने के बाद न तो इस प्लांट का नियमित संचालन किया गया और ना ही इसके रखरखाव की ठोस व्यवस्था की। नतीजा यह है कि प्लांट पिछले तीन सालों से बंद पड़ा है और धीरे-धीरे उपकरण कबाड़ में तब्दील हो रहा है, जबकि पास ही 200 बेड का जिला अस्पताल भवन का निर्माण किया जा रहा है और एमसीएच भवन बनकर तैयार है, जहां आने वाले वर्षों में इसी प्लांट से आक्सीजन की सप्लाई की जाती है, लेकिन आक्सीजन प्लांट की सुरक्षा और रखरखाव मे की जा रही लापरवाही से अब यह पूरी तरह बेकार साबित हो रहा है। इस ऑक्सीजन प्लांट में अब तक दो बार चोरी की घटनाएं हो चुकी हैं। इसके बावजूद जिला स्वास्थ्य विभाग ने सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए। चोरी के बाद प्लांट के मुख्य गेट में ताला लगाने की बजाय उसे महज लोहे की छड़ से अटका कर बंद कर दिया है। इससे न सिर्फ सरकारी संपत्ति असुरक्षित है, बल्कि भविष्य में किसी बड़ी क्षति की आशंका भी बनी हुई है। पास ही जिला स्वास्थ्य विभाग का कार्यालय यह स्थिति तब और गंभीर हो जाती है, जब यह देखा जाए कि ऑक्सीजन प्लांट के आसपास ही जिला स्वास्थ्य विभाग का कार्यालय, ड्रग वेयरहाउस और जिला अस्पताल का निर्माण कार्य चल रहा है। इसके अलावा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य केंद्र (एमसीएच) का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। इसी परिसर में टीवी जांच केंद्र समेत अन्य स्वास्थ्य सुविधाएं भी संचालित हैं। इतनी गतिविधियों और सरकारी उपस्थिति के बावजूद प्लांट में चोरी की घटनाएं होना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। डीआरडीओ ने पीएम केयर फंड से बनाया था प्लांट कोविड हॉस्पिटल परिसर में डीआरडीओ द्वारा पीएम केयर फंड से तीन साल पहले इस 500 एमपीएम क्षमता वाले ऑक्सीजन प्लांट की स्थापना की गई थी। यह प्लांट 40 बेड पर एक साथ ऑक्सीजन सप्लाई करने की क्षमता रखता था। अस्पताल के आईसीयू में इसके लिए पाइपलाइन कनेक्ट की थी।


