भास्कर न्यूज | लुधियाना नगर निगम ने 120 करोड़ की लागत से बने पक्खोवाल रोड रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) का लोड परीक्षण शुरू कर दिया है। शुक्रवार से शुरू हुए इस परीक्षण के दौरान आरओबी को 48 घंटों के लिए लोड करके उसकी मॉनीटरिंग की जाएगी। यह परीक्षण 2025 में किया जा रहा है, जबकि इस ओवरब्रिज का निर्माण 2019 में शुरू हुआ था। निर्माण के दौरान धीमी गति और बढ़ती लागत के कारण यह प्रोजेक्ट सितंबर 2021 में पूरा नहीं हो सका था, और नवंबर 2023 में इसे अंतिम रूप से पूरा किया गया। हालांकि, अब तक इस ओवरब्रिज का लोड परीक्षण नहीं किया गया था। अब नगर निगम ने इसे लोड परीक्षण के लिए तीन दिन के लिए बंद कर दिया है। इंजीनियरों की टीम ने पहले ही निरीक्षण कर महत्वपूर्ण जानकारी जुटाई है। अब आरओबी पर लोड रखा गया है, जो अगले 48 घंटों तक रहेगा। इसके बाद, इंजीनियरों की टीम यह जांचेगी कि लोड के दौरान आरओबी पर कोई असर पड़ा है या नहीं। अधिशासी अभियंता बलविंदर सिंह के मुताबिक, लोड परीक्षण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और यह प्रावधान के तहत 48 घंटे तक चलेगा। यातायात में व्यवधान और जाम की स्थिति पक्खोवाल आरओबी के बंद होने के कारण शहरवासियों को बहुत परेशानी का सामना करना पड़ा। कई लोग सुबह आरओबी पर पहुंचे, लेकिन उन्हें बैरिकेडिंग लगी मिली, जिसके बाद उन्हें अपने वाहन दूसरे रास्तों से मोड़ने पड़े। इस वजह से हैवी व्हीकल्स समेत कारें शहर के अंदर से होकर गुजरीं, जिसके कारण शहर के भीतर कई मार्गों पर जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई। कांग्रेस सरकार में इस प्रोजेक्ट को मंजूरी मिली थी, लेकिन यह प्रोजेक्ट आप सरकार में पूरा हुआ। पक्खोवाल रोड आरओबी के बनने के बाद इसका क्रेडिट लेने को लेकर होड़ मच गई थी। पक्खोवाल रेलवे ओवरब्रिज पर ड्रीम ऑफ आशू, थैंक्स के नारे लिखे जाने के बाद शहर की सियासत गरमा गई थी। प्रशासन ने नारों को अगले ही दिन साफ करवा दिया था। पुलिस जवान भी तैनात कर दिए गए थे। कांग्रेस और आप नेताओं ने एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप भी लगाए थे। आनन-फानन में इसका उद्घाटन कर दिया गया था।


