नक्सली जिन हथियारों से फोर्स पर हमला करते थे, यह जवानों से लूटे हुए हथियार ही थे। इसका खुलासा दैनिक भास्कर की पड़ताल में हुआ है। एक जनवरी से अभी तक 665 हथियार बस्तर रेंज में पुलिस ने बरामद किए हैं। इसमें मुठभेड़ के दौरान 473 और बाकी 192 आत्मसमर्पण के दौरान सरेंडर किए गए हैं। नक्सलियों के पास जो हथियार मिले हैं वह दो तरीके के हैं। पहला जवानों से लूटे हुए और दूसरा खुद से तैयार किए गए। अब इनके विशिष्ट पहचान क्रमांक (यूनिक आइडेंटिफिकेशन नंबर) से जांच में सामने आ रहा है कि ये हथियार झीरम, ताड़मेटला, रानीबदौली कैंप, कोरकट्टी जैसी मुठभेड़ में जवानों को हताहत कर लूटे गए हैं। भास्कर ने इन हथियारों की कहानी पता की तो चौंकाने वाली निकली। नक्सलियों की सेंट्रल कमेटी हथियारों के लिए टीम को निर्देश देती थी। वह एंबुश लगाकर हमला करती थी। जवानों से हथियार लूटने के बाद सेंट्रल कमेटी तय करती थी कि कौन सा हथियार कहां जाएगा। एके-47 नक्सलियों की पहली पसंद थी, यही वजह है कि उनके निशाने पर अक्सर केंद्रीय अर्धसैनिक बल होते थे, ताकि बड़ी संख्या में स्वचालित और अर्ध-स्वचालित हथियार जुटा सकें। गोलियों का जखीरा भी वे साथ में लेकर आते थे। बासवराजू जिस एके-47 को लेकर चलता था वह ताड़मेटला में सीआरपीएफ जवानों को मारकर लूटी गई थी। झीरम में लूटे गए हथियार नारायणपुर के जंगलों से मिल गए हैं। हथियार लूटने के लिए गर्मी का मौसम चुन रखा था। इस साल 665 हथियारों की बरामदगी
वर्ष 2025 में 01 जनवरी से अब तक नक्सलियों से 665 हथियारों की अभूतपूर्व बरामदगी की गई है, जिनमें एके-47, एसएलआर, इंसास, .303 राइफल, कार्बाइन और पिस्टल जैसे अत्याधुनिक एवं ग्रेडेड हथियार शामिल हैं। इससे माओवादी हथियार भंडार (आर्मरी) को बड़े पैमाने पर क्षति पहुंची है। दूसरी ओर, सरेंडर से इतने बड़े पैमाने पर हथियारों का सामने आना इस बात का निर्णायक संकेत है कि माओवादी कैडर अब हिंसा की राह छोड़कर पुनर्वास नीति पर विश्वास जता रहे हैं। -सुंदरराज पी, पुलिस महानिरीक्षक, बस्तर रेंज तारीखों से जानिए लूट की पूरी कहानी पहला- बासव के पास था 76 जवानों की हत्या कर लूटे गए हथियारों का जखीरा दूसरा- मंगलू के पास मिली 55 जवानों को मारकर लूटी गई एसएलआर तीसरा- सुधीर उर्फ मुरली के पास थी एसपी चौबे की हत्या कर लूटी गई इंसास चौथा- ओडिशा के थाने से लूटा गया शस्त्र जगदीश मंडावी ने किया सरेंडर पांचवां- बुरकापाल में मरे 25 जवानों से लूटी एके-47 गंगा के पास थी छठवां- झीरम के नरसंहार के हथियार गट्टाकाल पहाड़ पर बरामद किए गए आगे क्या होगा इन हथियारों का|नक्सलियों से बरामद हथियार बस्तर रेंज के जिलों के शस्त्रागार में रखे जा रहे हैं। इनकी उनके विशिष्ट पहचान क्रमांक के आधार पर सत्यापन कर यह पता किया जा रहा है कि ये कहां से लूटे गए थे। इस जानकारी कोर्ट में दी जाएगी। इसके बाद कोर्ट की अनुमति से उन्हें संबंधित इकाइयों को सौंपने की कार्रवाई होगी।


