बजट सत्र के बीच प्रदेश के 41 जिला कलेक्टरों के दौरे बढ़ा दिए हैं। कलेक्टर और सभी एडीएम को हर सप्ताह 410 सरकारी संस्थानों के निरीक्षण करने होंगे। इसकी मॉनिटरिंग सीधे सीएमओ से होगी। हर शनिवार के निरीक्षण की रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजनी होगी। एक दिन में 100 किमी में सरकारी संस्थानों के दौरे करने होंगे। दूसरी तरफ, राजस्थान सरकार ने मंत्रियों के लिए 26 लग्जरी फॉरच्यूनर गाड़ियां खरीदी हैं। एक गाड़ी की कीमत 54 लाख से अधिक है। हालांकि, 41 फॉरच्यूनर खरीदने की तैयारी थी, लेकिन अचानक इनकी संख्या 26 कर दी। मंत्रियों के लिए खुशखबरी यह है कि 24 ही मंत्रियों को इस सरकार में पहली बार नई फॉरच्यूनर मिल रही है। 10 मंत्रियों को पहली खेप दे भी दी है। अभी एक डिप्टी सीएम, 4 कैबिनेट मंत्री सहित 6 मंत्री लंबे समय से निजी गाड़ियों का इस्तेमाल कर रहे हैं। दो मंत्री तो लंबे सफर में निजी वैन का उपयोग कर रहे हैं। इसको देखते हुए फिलहाल मंत्रियों को नई फॉरच्यूनर देने का फैसला किया है। कलेक्टर, एडीएम, एसडीएम के दौरे जिला, तहसील, ब्लॉक स्तर पर निरीक्षण तेज होंगे। सीएमओ और सीएस के स्तर पर इसकी तैयारी की है। नए निर्देशों के अनुसार प्रदेश में हर सप्ताह एक दिन कलेक्टर, एडीएम, एसडीएम को सरकारी संस्थानों के निरीक्षण करने होंगे। हर सप्ताह तीनों स्तर के अफसरों से 41 जिलों में करीब 900 निरीक्षण होंगे। रिपोर्ट भी उसी दिन सरकार को देनी होगी। 4 साल बाद आई लग्जरी गाड़ियां
जनवरी 2022 में कांग्रेस सरकार ने मंत्रियों को एसयूवी श्रेणी की गाड़ियां दी थीं। ये 4 साल पुरानी हो चुकी हैं। अधिकांश 4 लाख किमी से अधिक चल चुकी हैं, इसलिए नई गाड़ियों की मांग उठी थी। मुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष, मंत्रियों, नेता प्रतिपक्ष, सचेतक और राज्य मंत्रियों के लिए कुल 41 गाड़ियां खरीदनी थी। एक गाड़ी राज्यपाल के दिल्ली दौरे के लिए भी लेनी थी। 40 सफेद रंग की खरीदनी थी। राज्यपाल के लिए काले रंग की गाड़ी खरीदनी थी।


