10 ग्राम पंचायतों के डीग से अलग होने की मांग:पंचायत चुनाव बहिष्कार का फैसला, डीग जाने लिए 80KM का सफर तय करना पड़ता है

डीग जिले से 10 ग्राम पंचायत को अलग कर भरतपुर जिले में मिलाने को लेकर आज सांतरुक गांव में एक पंचायत की गई। ग्रामीणों का कहना है कि जब से डीग जिला बना है उन्हें काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। किसी काम के लिए भरतपुर आने में उन्हें सिर्फ 15 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता था लेकिन, डीग जाने के लिए उन्हें करीब 80 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता है। ग्रामीणों कहना है कि अगर उनकी मांग नहीं मानी तो, वह पंचायत चुनाव बहिष्कार करेंगे। 10 ग्राम पंचायत डीग से अलग करने की मांग सांतरुक गांव के रहने वाले विजय सिंह ने बताया कि आज गांव में बड़ी पंचायत की गई है। क्योंकि 10 ग्राम पंचायत 10 पंचायत सांतरुक, रारह, अजान गुंसारा, उभार, अवार, सोगर, अभोर्रा, ताखा, तालपुरा को डीग जिले में शामिल कर दिया गया है। पहले उनका जिला मुख्यालय भरतपुर लगता था। जब भी उन्हें कोई काम होता था तो, वह सिर्फ 10 से 15 किलोमीटर की दूरी तय कर भरतपुर आ जाते थे। ग्राम पंचायतों से डीग जिले की दूरी 80KM डीग जिले का गठन होने के बाद 10 ग्राम पंचायत को डीग जिले में मिला दिया गया। अब उन्हें डीग जाने में 70 से 80 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता है। साथ ही दो टोल भी रास्ते में आते हैं। जहां उन्हें हर बार पैसे देकर ही निकलना पड़ता है। इसलिए 10 ग्राम पंचायत के लोग लगातार मांग कर रहे हैं कि 10 ग्राम पंचायत को डीग से निकालकर भरतपुर में शामिल कर दिया जाए। पंचायत चुनाव के बहिष्कार का फैसला लोगों ने पंचायत में यह फैसला किया है कि अगर सरकार उनकी मांगों पर कोई सुनवाई नहीं करती है तो, वह पंचायत चुनाव का बहिष्कार करेंगे। इसको लेकर आज सांतरुक गांव में पंचायत आयोजित की गई है। अब अगली पंचायत जल्द ही दूसरे गांव में आयोजित की जाएगी।

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