सलूंबर राष्ट्रीय आयुष मिशन एवं आयुर्वेद विभाग के संयुक्त देखरेख में औऱ महावीर इंटरनेशनल के सहयोग से आयोजित 10 दिवसीय निशुल्क आयुर्वेद शल्य चिकित्सा शिविर में अभूतपूर्व सफलता दर्ज की गई है। शिविर में अब तक आईपीडी में 126 मरीजों का शल्य चिकित्सा द्वारा उपचार किया जा रहा है, जबकि ओपीडी में 322 मरीजों ने आयुर्वेदिक उपचार का लाभ उठाया। यह शिविर सलूंबर जिले के लिए स्वास्थ्य सेवाओं की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। दूर-दराज़ के ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में मरीज यहां पहुंच रहे हैं और आधुनिक आयुर्वेदिक शल्य चिकित्सा के माध्यम से लाभान्वित हो रहे हैं। मरीजों ने जताया संतोष, सेवाओं की सराहना शिविर में मिलने वाली सेवाओं को लेकर मरीजों ने संतोष और प्रसन्नता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि उन्हें समय पर, निःशुल्क और गुणवत्तापूर्ण उपचार मिल रहा है, जिससे उनका आयुर्वेद पद्धति पर विश्वास और मजबूत हुआ है।आयुर्वेद विभाग के कार्यों को देखते हुए सेवा भारती सलूंबर द्वारा शिविर में भर्ती मरीजों को फल वितरित किए गए। इस सेवा कार्य से मरीजों में सकारात्मक ऊर्जा और उत्साह देखा गया। सुबह 5 बजे से सेवा में जुटे परिचारक इस शल्य चिकित्सा शिविर की सबसे बड़ी विशेषता मरीजों की निरंतर देखभाल है।सुबह 5 बजे से परिचारक मरीजों के लिए गर्म पानी तैयार करना, सेंक करवाना एवं अन्य आवश्यक सेवाएं प्रदान कर रहे हैं, जो एक अनुकरणीय सेवा भाव का उदाहरण है। सेवा देने वाले परिचारक इस सेवा कार्य में सोमाराम मेघवाल, निर्भय सिंह भाटी, प्रेमसिंह सारंगदेवोत, कमलेश कुमार, मुकेश कुमार, देवीदास, वैष्णव, मोहनलाल मीणा, रविंद्र कुमार, रविंद्र सिंह, बेवरलाल, लालूराम गमेती, बाबूलाल, बंशीलाल एवं कानकी मीणा सक्रिय रूप से अपनी सेवाएं दे रहे हैं। जिला प्रशासन और आयुर्वेद विभाग का सराहनीय प्रयास इस शिविर की निगरानी एवं संचालन में आयुर्वेद विभाग की टीम महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।डॉ. जितेंद्र जोशी, सहायक नोडल अधिकारी, जिला सलूंबर ने बताया कि शिविर का उद्देश्य आमजन को सुलभ, सस्ती और प्रभावी आयुर्वेदिक शल्य चिकित्सा उपलब्ध कराना है।


