कोलार इलाके में दशहरे के दिन एक दर्दनाक हादसा हो गया। राजहर्ष कॉलोनी में खेल रही 10 साल की बच्ची रिया रजक की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। यह हादसा दोपहर करीब 12:30 बजे हुआ। हादसे के वक्त कॉलोनी में दुर्गा पंडाल में भंडारा चल रहा था। पास ही में रिया बच्चों के साथ खेल रही थी। तभी अचानक उसके गले के पास छर्रा लग गया। बाईं तरफ कंधे के पास वह गंभीर रूप से घायल हो गई। उसकी गर्दन से खून भी निकला। वो जोर-जोर से चिल्लाते हुए जमीन पर गिर गई। परिजन और पड़ोसी उसे तुरंत जेके हॉस्पिटल ले गए। करीब तीन घंटे तक इलाज चला। डॉक्टरों ने बताया कि गर्दन में करीब दो इंच गहरा घाव था। शाम करीब 5 बजे उसे मृत घोषित कर दिया गया। रिया चौथी क्लास की छात्रा थी। उसके पिता समीर रजक पानी की बॉटल सप्लाई का काम करते हैं। पास में दो कबूतर मरे मिले, इसलिए पुलिस को गोली से मौत की आशंका परिजन को शक है कि ये छर्रा एयरगन से चला है। रिया के ताऊ राम रतन सिंह ने बताया कि पुलिस को कॉलोनी के पास दो मरे हुए कबूतर भी मिले हैं। शायद किसी ने कबूतर मारने के लिए एयरगन से गोली चलाई होगी। हालांकि किसी को गोली चलने की आवाज नहीं सुनाई दी। कोलार पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए हमीदिया अस्पताल भेज दिया है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह पता चलेगी। 2009 में भी ऐसा ही मामला आया था सामने : 31 मार्च 2009 को देना बैंक के एजीएम एस. सुंदरराजन की भी इसी तरह गोली लगने से मौत हुई थी। वे कार में बैठ रहे थे तभी किसी ने पीठ में गोली मार दी। लेकिन अब तक नहीं पता चल सका कि गोली किसने और क्यों चलाई थी?


