10 साल से बंद पड़ी थी सरकारी कॉलेज की लाइब्रेरी, इसमें अब चलेगा वाचनालय

भास्कर न्यूज | टोंक जिले के सबसे बड़े सरकारी कॉलेज बहीर में लंबे समय से बंद पड़ी लाइब्रेरी अब जल्द ही छात्रों के लिए उपयोगी वाचनालय के रूप में संचालित होती नजर आएगी। इस पहल से क्षेत्र के उन हजारों छात्र-छात्राओं को बड़ी राहत मिलने वाली है, जो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। फरवरी महीने से यह व्यवस्था शुरू हो जाएगी, जिसके तहत लाइब्रेरी को पूरी तरह से चालू किया जाएगा। यह लाइब्रेरी वर्षों से पद खाली होने से बंद रहने के कारण छात्रों के लिए एक बड़ी समस्या बनी हुई थी। अब राज्य सरकार की वाचनालय योजना के तहत यहां मरम्मत सहित इसको उपयोगी बनाने काम तेजी से चल रहा है। वाचनालय में न केवल पढ़ाई के लिए शांत व सुविधाजनक माहौल उपलब्ध होगा, बल्कि यहां मौजूद लगभग 75 हजार पुस्तकों का भी लाभ छात्र उठा सकेंगे। कॉलेज में करीब 3 हजार से अधिक छात्र-छात्राएं अध्ययनरत है। उनके साथ ही अन्य बाहर वाले स्टूडेंट्स के लिए भी ये सुविधा मुहैया होगी। वाचनालय में प्रवेश के लिए छात्रों से एक हजार रुपए की रजिस्ट्रेशन फीस ली जाएगी। यह राशि पूरी तरह से वापसी योग्य होगी। मतलब, जब छात्र अपनी तैयारी पूरी कर लेंगे या अध्ययन का कार्य समाप्त कर देंगे, तो यह फीस उन्हें वापस कर दी जाएगी। प्राचार्य ने स्पष्ट किया कि यह फीस केवल रजिस्ट्रेशन और सुविधा बनाए रखने के लिए है, न कि कमाई के उद्देश्य से। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए गार्ड की नियुक्ति सहित अन्य कार्मिकों की व्यवस्था कॉलेज विकास कोष से की जाएगी। प्राचार्य प्रो. लोकेश शर्मा ने कहा कि कॉलेज प्रशासन छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है। वाचनालय योजना के तहत यह प्रयास न केवल पढ़ाई में मदद करेगा, बल्कि बंद पड़ी संसाधनों का सदुपयोग भी सुनिश्चित करेगा। फरवरी से शुरू होने वाली इस सुविधा से उम्मीद है कि अधिक से अधिक छात्र लाभान्वित होंगे और उनकी सफलता की संभावनाएं बढ़ेंगी। यह पहल शिक्षा के क्षेत्र में एक सकारात्मक बदलाव की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। कॉलेज के लेक्चरर देंगे परीक्षा की तैयारी के टिप्स कॉलेज ने छात्रों के लिए आधुनिक वाचनालय योजना शुरू की

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