भास्कर संवाददाता| सीहोर पिछले साल पेपर लीक होने जैसे मामलों से सबक लेते हुए इस साल शिक्षा विभाग सख्ती बरत रहा है। खास बात यह है कि इस बार परीक्षा में जुड़े सभी कर्मचारियों के मोबाइल अलमारी में सील होंगे। यही नहीं पेपर रखे बॉक्स का वीडियो भी बनाना होगा। परीक्षा की तैयारियों को लेकर सभी केंद्राध्यक्ष और सहायक केंद्राध्यक्षों की बैठक बुधवार को जिला पंचायत के सभाकक्ष में आयोजित होगी। इस बैठक में उन्हें परीक्षा में बरती जाने वाली सख्ती और नए निर्देशों की जानकारी दी जाएगी। बता दें कि जिले में बोर्ड परीक्षा के लिए कुल 103 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इन सभी केंद्रों के अध्यक्ष और केंद्राध्यक्षों को बैठक में आना जरूरी है। सीहोर जिले में 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं में करीब 35 हजार से ज्यादा छात्र-छात्राएं शामिल होंगे। कभी पेपर लीक तो कभी सामूहिक नकल के मामलों में चर्चित रहने वाले सीहोर जिले में परीक्षा के दौरान गड़बड़ियां रोकना माशिमं के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। ऐसे में मंडल के नए निर्देशों के तहत प्रश्न पत्रों को थाने से केंद्र तक लाने की ऑनलाइन मॉनिटरिंग तो होगी ही, साथ ही केंद्र पर परीक्षा की ड्यूटी में लगे शिक्षक, कर्मचारी और केंद्राध्यक्ष के मोबाइल भी पेपर के बंडल खुलने से पूर्व अलमारी में सील कर दिए जाएंगे। यह काम कलेक्टर प्रतिनिधियों को करवाना होगा। पेपरों का बॉक्स खोलने से पहले 6 साइड का वीडियो बनाना होगा मंडल की ओर से जारी गाइडलाइन के अनुसार पेपरों का बॉक्स खोले जाने से पहले उसका सभी 6 साइड का वीडियो बनाना भी अनिवार्य है। वजह ये है कि बॉक्स पूरी तरह से सील है या नहीं, इसकी पुष्ट वीडियो से हो सके। ये वीडियो पेपर वाले दिन सुबह 8.30 बजे से पहले मंडल द्वारा नामांकित प्रतिनिधि को भेजना होगा। बॉक्स सुबह साढ़े 8 बजे खोलकर पर्यवेक्षकों को सील किए पेपरों के पैकेट दिए जाएंगे। परीक्षा शुरू होने तक कलेक्टर प्रतिनिधि केंद्र पर ही मौजूद रहेंगे। उड़नदस्तों की जिम्मेदारी भी निर्धारित की गई। उन्हें हर पेपर के दिन कम से कम 4 परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण करना होगा। अधिकारियों का कहना है कि बोर्ड परीक्षा के सुचारु संचालन के लिए मंडल के हर निर्देश का सख्ती से पालन कराया जाएगा। परीक्षा की तैयारी के लिए कर्मचारियों का मंगलवार को एक ट्रेनिंग सेशन रखा है।


