ग्रे हाउंड मेरे लिए डॉगी नहीं बच्चे की तरह है। उसके गुम होने के बाद से मैं और मेरे पति बहुत परेशान थे। एक हफ्ते तक तो ठीक से खाना भी नहीं खा पाई। हर पल उसका चेहरा सामने आता था। हम दोनों लोग गुड़गांव से हर वीकेंड आगरा आते थे। रात में सड़कों पर घूमते थे। पिछले तीन महीने में करीब 25 दिन आगरा में रहे हैं। आगरा के लोगों ने बहुत सपोर्ट किया। अब मेरी डॉगी मिल गई। यह कहना है गुड़गांव की कस्तूरी का। 3 नवंबर, 2024 को आगरा के फाइव स्टार होटल से उनकी डॉगी लापता हो गई थी। शनिवार को मेहताब बाग में डॉगी मिली तो कस्तूरी अपने उससे लिपटकर रोने लगीं। कहा- बेबी तुम कहां चली गई थी? मैं कैसे रही इतने दिन तुम्हारे बिना…। कुछ पता है तुम्हें। डॉगी के लापता होने से लेकर मिलने तक की कहानी समझने के लिए दैनिक भास्कर ने कस्तूरी से बात की… पहले जानिए ग्रे हाउंड के गुम होने की कहानी…
गुरुग्राम निवासी दीपायन और उनकी पत्नी कस्तूरी 1 नवंबर, 2024 को अपने दो पेट डॉग्स के साथ आगरा आए थे। यहां एक पेट फ्रेंडली फाइव स्टार होटल में रुके। 3 नवंबर की सुबह साढ़े 8 बजे दीपायन पत्नी के साथ फतेहपुर सीकरी घूमने चले गए। इसी बीच उनकी डॉगी ग्रे हाउंड गायब हो गई। तब से लेकर अब तक वो लगातार उसे ढूंढ रहे थे। उन्होंने डॉगी को खोजकर लाने वाले को इनाम देने की भी घोषणा की। पहले 10 हजार, फिर 20 हजार। आखिर में रकम को 50 हजार तक बढ़ा दी। कई जगह विज्ञापन दिए, पोस्टर चस्पा किए। मगर डॉगी का पता नहीं चला। मेट्रो स्टेशन के पास मिली लास्ट लोकेशन
दीपायन ने बताया- पुलिस में शिकायत की थी। इसके बाद पुलिस की तरफ से स्निफर डॉग भी मिला था। CCTV चेक किए गए। ताज मेट्रो स्टेशन के पास उसे 3 नवंबर को ही देखा गया था, उसके फुटेज भी मिले। होटल और आसपास के CCTV को चेक किया। स्निफर डॉग ने शाहजहां गार्डन के पीछे हिस्से में जाकर खोज खत्म की थी। मैं, कस्तूरी और विनीता अरोरा से 30 वॉलंटियर के साथ अपनी डॉगी को ढूंढ रहे थे। अब रेस्क्यू की 2 तस्वीर पति-पत्नी ने खाना-पीना छोड़ा, बच्चे की तरह उसकी याद में तड़पे
कस्तूरी ने बताया- ग्रे हाउंड मेरे लिए डॉगी नहीं बच्चे की तरह है। उसके गुम होने के बाद से मैं और मेरे पति बहुत परेशान थे। एक हफ्ते तक मैं तो ठीक से खाना भी नहीं खा पाई थी। हर पल उसका चेहरा सामने आता था। मेरे मन में एक डर भी था कि कहीं कोई अनहोनी न हो गई हो। इसके लिए कई डॉग कम्युनिकेटर की भी मदद ली। मुझे बताया गया कि डॉगी सेफ है। ऐसे में मेरे मन में कहीं न कहीं विश्वास था कि मेरी ग्रे हाउंड मिल जाएगी। हर वीकेंड आगरा आते, 3 महीने में 25 दिन आगरा में रुके
कस्तूरी ने बताया- आगरा के लोगों ने मेरा बहुत सपोर्ट किया। मेरे पास रोज वॉट्सऐप पर अलग-अलग इलाकों से मेरी डॉगी से मिलते डॉग के फोटो आते थे।मैं और मेरे पति गुड़गांव से हर वीकेंड आगरा आते थे। इसके बाद आगरा के अलग-अलग इलाकों में अपने डॉगी की तलाश करते थे। रात को सड़कों पर घूमते थे। हमें लगता था कि हो सकता है कि रात में ही हमारी डॉगी मिल जाए। पिछले तीन महीने में करीब 25 दिन आगरा में रहे। फ्लाइट छोड़ आगरा आए
डॉग को तलाशने में मदद करने वाली विनीता अरोरा ने बताया- मेरे पास मेहताब बाग से किसी ने डॉगी की फोटो भेजी थी। उन्होंने कहा था कि उनके इलाके में ये नया डॉगी आया है। डॉगी का फोटो कस्तूरी और दीपायन को भेजी। वो कोलकाता जाने की तैयारी कर रहे थे। उन्होंने फोटो देखते ही अपनी फ्लाइट छोड़कर आगरा का रुख कर लिया। इसके बाद शनिवार को उनकी तलाश पूरी हुई्। उनकी डॉग उनको वापस मिल गई। ऐसे मिली ग्रे हाउंड
शनिवार सुबह गुड़गांव से पति-पत्नी आगरा आ गए। वो सीधे मेहताब बाग गए। वहां पर डॉग कैचर भी बुलाए गए। डॉग कैचर ने डॉगी को पकड़ने की काफी कोशिश की, लेकिन वो जंगल से बाहर नहीं आई। इसके बाद डॉगी की मालकिन कस्तूरी ने उसे रेस्क्यू करने का निर्णय लिया। वो जंगल में गईं, उन्होंने जैसे ही डॉगी को आवाज लगाई, वैसे ही डॉगी भागती हुई आई और उनकी गोद में बैठ गई। इसके बाद कस्तूरी की आंखें भर आईं। सीधे डॉक्टर के पास ले गए
डॉगी को रेस्क्यू करने के बाद पति-पत्नी उसे आगरा में पैट क्लिनिक में ले गए। वहां पर उसका इलाज कराया। उसको अच्छी तरह से नहलाया। इसके बाद उसे खाना खिलाया। 3 महीने में घर से अलग होने पर डॉगी काफी कमजोर हो गया था। ————————————————– ये खबर भी पढ़ें… सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी से डरे यूपी के विधायक-सांसद:यहां सबसे ज्यादा दागी; अगर सबको सजा हुई तो एक तिहाई सीटें खाली होंगी अगर किसी सरकारी कर्मचारी को दोषी ठहराया जाता है तो वह जीवन भर के लिए नौकरी से बाहर हो जाता है। फिर दोषी व्यक्ति संसद में कैसे लौट सकता है? कानून तोड़ने वाले, कानून बनाने का काम कैसे कर सकते हैं?’ सुप्रीम कोर्ट ने यह टिप्पणी दोषी सांसदों और विधायकों के चुनाव लड़ने पर हमेशा के लिए बैन लगाने की याचिका की सुनवाई के दौरान की। याचिका में कोर्ट से विधायक और सांसदों के केसों की सुनवाई में जल्द करने की भी मांग की गई है। इस टिप्पणी के बाद अपराधी छवि और केस में फंसे विधायक और सांसद परेशान हैं। (पढ़ें पूरी खबर)


