जमशेदपुर में टाटा को मिले 10,786 एकड़ जमीन की लीज 31 दिसंबर को खत्म हो जाएगी। लेकिन अभी लीज नवीकरण की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है। लीज नवीकरण के लिए लीज डीड ड्राफ्ट अभी पूर्वी सिंहभूम के डीसी स्तर पर ही अटका हुआ है। इसका अनुमोदन कोल्हान के प्रमंडलीय आयुक्त के माध्यम से भू-राजस्व विभाग और सरकार के स्तर पर होना है। इससे पहले विधि विभाग और राज्य कैबिनेट की सहमति भी जरूरी है। लेकिन कोल्हान प्रमंडलीय आयुक्त का पद पिछले एक माह से खाली है। ऐसे में लीज नवीकरण का ड्राफ्ट कौन फाइनल करेगा, इस पर अब तक संशय बना हुआ है। तत्कालीन प्रमंडलीय आयुक्त एन बागे के 30 नवंबर को रिटायर होने के बाद इस पद पर अभी किसी की पदस्थापना नहीं हुई है। पूर्वी सिंहभूम डीसी ने पांच दिन पहले भू-राजस्व विभाग को पत्र लिखकर टाटा लीज और उसके नवीकरण को लेकर हुए काम की जानकारी मांगी है। उन्होंने कई मामलों में दिशा-निर्देश भी मांगा है। पत्र में कहा गया है कि जिस अफसर (प्रमंडलीय आयुक्त) के जरिए लीज ड्राफ्ट का अनुमोदन होना है, वही पद खाली है। ऐसे में प्रमंडलीय आयुक्त के पद पर पदस्थापन का आग्रह किया जा रहा है। ताकि लीज के ड्राफ्ट को फाइनल किया जा सके। वह सबकुछ जो आपके लिए जानना जरूरी है 1 जनवरी 1996 से 30 साल के लिए हुआ था नवीकरण टाटा को कारखाना लगाने के लिए आजादी से पहले अंग्रेजों ने रियायती दर पर लीज पर जमीन दी थी। आजादी के बाद यह लीज बिहार भूमि सुधार अधिनियम के तहत 1 जनवरी 1956 के प्रभाव से 40 साल की अवधि के लिए कई शर्तों के साथ अविभाजित बिहार सरकार ने कंपनी को दी। जमीन पर लीज का कानूनी आधार 1956 से माना जाता है। लेकिन जनवरी 1996 से 19 अगस्त 2005 तक बगैर लीज नवीकरण का सब कुछ चलता रहा। झारखंड राज्य बनने पर 20 अगस्त 2005 को झारखंड सरकार ने 1 जनवरी 1996 से प्रभावी मानते हुए 30 साल के लिए टाटा लीज का नवीनीकरण किया था। 12,708 एकड़ मिली थी, 144 एकड़ सबलीज पर दी टाटा को 12,708 एकड़ जमीन लीज पर मिली थी। उसे सबलीज और बेचने का अधिकार नहीं था। उसने सरकार की सहमति से 144 एकड़ जमीन 200 लोगों और कंपनियों को सबलीज पर दे दी। लेकिन इससे मिलने वाला करीब 200 करोड़ का राजस्व सरकार को नहीं दिया। वर्ष 1996 में 12,708 एकड़ जमीन की लीज अवधि समाप्त हो गई थी। वर्ष 2005 में लीज नवीकरण होते समय सरकार को टाटा से 1856 एकड़ जमीन वापस नहीं मिला। सरकार ने 12,708 एकड़ के बदले 10,852 एकड़ का ही नवीकरण कर उसे लीज पर जमीन दी। टाटा को किस मद में मिली है कितनी जमीन टाटा पर राज्य सरकार का 319.40 करोड़ बकाया पूर्वी सिंहभूम के डीसी ने राज्य सरकार को लिखा है कि 10 सितंबर 2025 और 1 दिसंबर 2025 को टाटा स्टील के सीईओ व एमडी ने लीज नवीकरण का पत्र भेजा था। इसमें लीज की अवधि 31 दिसंबर 2025 को खत्म होने की बात कही थी और 1 जनवरी 2026 से नवीकरण करने का अनुरोध किया था। साथ ही लीज डीड ड्राफ्ट भी उपलब्ध कराया था। लीज नवीकरण से पहले जिला स्तर पर अपर उपायुक्त, जमशेदपुर के सुपरविजन और भूमि सुधार उप समाहर्ता, धालभूमगढ़ के नेतृत्व में गठित टीम से जांच कराई। पता चला कि टाटा पर लीज का करीब 319.40 करोड़ रुपए बकाया है, उसे जमा करने का निर्देश दिया गया है।


