11 साल के महेंद्र के हाथ में फ्रैक्चर:देशी जुगाड़ से बिगड़ा केस, अस्पताल में भर्ती, सूजन हटने के बाद होगा ऑपरेशन

करीब एक माह पूर्व पचपदरा निवासी 11 वर्षीय महेंद्र नाथ के खेलते समय कोहनी से थोड़ा नीचे हाथ में फ्रैक्चर हो गया। हादसे के तुरंत बाद परिजन उसे अस्पताल की बजाय नजदीक में देशी जुगाड़ू इलाज करने वाले के पास ले गए। वहां हाथ पर अत्यधिक कसकर पट्टी बांध दी गई, जिससे हाथ में रक्त का प्रवाह पूरी तरह बाधित हो गया। परिणामस्वरूप कुछ ही समय में हाथ में तेज सूजन आ गई और बाद में छाले भी पड़ गए, इससे बच्चे की तकलीफ और अधिक बढ़ गई। कसकर पट्टी बंधने के बाद बच्चे के हाथ पर सूजन आ गई, लेकिन जानकारी के अभाव और गलत सलाह के चलते वे कुछ समय तक घर पर ही बैठे रहे। हाथ की सूजन बढ़ने व दर्द असहनीय होने पर भी उसे अस्पताल नहीं ले जाया गया। इसी बीच किसी शिक्षाविद ने उन्हें सरकारी अस्पताल में दिखाने की सलाह दी। इस पर परिजन शुक्रवार को बच्चे को राजकीय नाहटा जिला अस्पताल लेकर पहुंचे।
अस्पताल में समाजसेवी राजू गोल की मदद से बच्चे को डॉ. खेताराम सुथार को दिखाया गया, जिन्होंने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उसे भर्ती करने की सलाह दी। डॉ. खेताराम ने बताया कि हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. कमलेश चौधरी की देखरेख में बच्चे का ऑपरेशन किया जाएगा। इस दौरान डॉ. कमलेश चौधरी ने बच्चे के हाथ की जांच की। डॉक्टर ने देखा कि हाथ पर बंधी पट्टी अत्यधिक टाइट है, जिससे सूजन आ गई है। उन्होंने तत्काल पट्टी खोलकर हाथ की अच्छी तरह सफाई की और नई पट्टी बांधी। डॉक्टर ने बताया कि फिलहाल हाथ में काफी सूजन है, ऐसे में तुरंत ऑपरेशन करना संभव नहीं है। सूजन कम होने के बाद ही आवश्यक शल्य चिकित्सा की जाएगी। गंभीर चोट पर देशी इलाज की बजाय डॉक्टर के पास जाएं फ्रैक्चर या किसी भी गंभीर चोट की स्थिति में तुरंत योग्य चिकित्सक से उपचार कराना चाहिए। अंधविश्वास या झोलाछाप व देशी इलाज के चक्कर में पड़ने से मरीज की स्थिति और अधिक बिगड़ सकती है। कई बार गलत उपचार के कारण हाथ या पैर को स्थायी नुकसान पहुंचने के साथ जान भी जा सकती है। चोटों को हल्के में न लें और समय पर अस्पताल पहुंचकर सही इलाज कराएं। देशी जुगाड़ से हड्डी गलत जुड़ सकती है और हड्डी में इंफेक्शन होने का भी खतरा रहता है।

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