भास्कर न्यूज । मुगमा िजले का तापमान न्यूनतम 11 िडग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। ऐसे में भी मध्य िवद्यालय मुगमा बस्ती के बच्चों को जमीन पर बैठकर पढ़ना पड़ रहा है। यहां बच्चों के लिए ना टेबल की व्यवस्था है और ना ही कुर्सी है। विद्यालय में चापाकल तो दूर की बात इधर-उधर से खाना बनाने के लिए पानी की व्यवस्था की जाती है। भोजन करने के बाद बच्चों को दूर दराज जाकर हाथ धोना पड़ता है। िवद्यालय में चार कमरे हैं। इनमें दो कमरे हमेशा बंद रहते हैं। एक कमरा में बेंच-डेस्क है। जबकि तीन कमरों में बेंच-डेस्क नहीं है। स्कूल में कुल नामांकित बच्चों की संख्या 166 है। जबकि बच्चों की उपस्थिति काफी कम है। बच्चों के पठन-पाठन के लिए चार शिक्षकों की व्यवस्था है। इनमें से तीन सरकारी एवं एक सहायक शिक्षक मौजूद हैं। बच्चों की संख्या में गिरावट को देखते हुए दो कमरे में ही मध्य विद्यालय संचालित हो रहा है। सुविधाओं की कमी के कारण काफी संख्या में बच्चे बगल के निजी विद्यालय में नामांकन ले रहे हैं। सरकारी स्कूल में छात्र-छात्राओं की संख्या काफी घट रही है। छात्र-छात्राओं के लिए स्कूल परिसर में अलग-अलग शौचालय तो बने हुए हैं। परंतु जब से शौचालय बना है तब से उसकी सफाई नहीं हुई है। बच्चों के बीमार होने का खतरा बना हुआ है। और तो और स्कूल का खुद का खेल मैदान एवं सुरक्षा के लिए चहारदीवारी तक नहीं है। ^ग्रामीण चहारदीवारी नहीं बनाने देते। तीन-तीन प्रधानाध्यापक प्रयास करते-करते सेवानिवृत्त हो गए। कमरों में बेंच एवं डेस्क की व्यवस्था के साथ-साथ सभी समस्याओं से वरीय पदाधिकारी को अवगत करवाया जा चुका है। मृत्युंजय भट्टाचार्य, प्रधानाध्यापक, मवि, मुगमा बस्ती


