शहर के 6 विधायकों की तरफ से वार्डों में जाकर सड़क निर्माण, ट्यूबवेल लगाने, पार्कों के निर्माण समेत हर छोटे-छोटे कामों के उद्घाटन किए जा रहे हैं। जबकि विपक्ष के पार्षदों को न बुलाकर वार्ड के हारे हुए नेताओं के साथ मिलकर कामों के उद्घाटन किए जा रहे हैं। जबकि उन कामों को वार्ड स्तर पर निगम से पार्षदों ने पास करवाया हुआ होता है, जबकि क्रेडिट विधायक लेकर जाते हैं। पार्षदों ने ये मांग रखी है कि अगर विधायक ने उद्घाटन करना ही है तो इलाके के पार्षद को साथ लेकर किया जाए। भास्कर न्यूज | लुधियाना निगम की जनरल हाउस की मीटिंग से ठीक पहले मेयर इंद्रजीत कौर ने आखिरकार आल पार्टी मीटिंग मंगलवार को कैंप ऑफिस में बुला ही ली। हालांकि उनकी तरफ से ऐसा पहली बार किया गया है ताकि निगम हाउस की मीटिंग में विपक्ष का हंगामा रोका जा सके। इसी के तहत मीटिंग में भाजपा की तरफ से पूनम रतड़ा, कांग्रेस की तरफ से शाम सुंदर मल्होत्रा, शिअद की तरफ से रखविंदर सिंह गाबड़िया मीटिंग में शामिल हुए। मीटिंग में निगम कमिश्नर आदित्य डेचलवाल, सीनियर डिप्टी मेयर राकेश पराशर भी मौजूद थे। बता दें कि 26 दिसंबर को जनरल हाउस की मीटिंग जालंधर बाईपास निकट डा अंबेडकर भवन में होने जा रही है। मीटिंग में ये स्पष्ट कर दिया गया है कि निगम हद के बाहर आते 110 गांवों को शामिल करने का कोई प्रस्ताव नहीं लाया जा रहा है और इसे एक अफवाह का नाम देते हुए स्पष्ट कर दिया है। वहीं, ये जरूर कहा गया है कि 18 प्रस्तावों के अलावा मौके पर कुछ टेबल एजेंडे शामिल होंगे, जिनको स्ट्डी किया जा रहा है। विपक्ष के पार्षदों ने ये मांग रखी है कि हाउस की मीटिंग में हर पार्टी के पार्षदों को बोलने का मौका दिया जाए, क्योंकि पार्षदों ने अपनी बात हाउस की मीटिंग रखनी होती है, लेकिन उन्हें ऐसा मौका न मिलने पर नाराजगी रहती है। इस पर मेयर ने सहमति देते हुए कहा कि सभी पार्षदों को बोलने का 5 मिनट का मौका दिया जाएगा। इसके अलावा 18 प्रस्तावों में एलईडी लाइटों को बढ़ाने को एक प्रस्ताव लाया गया है, जिसमें टाटा कंपनी की तरफ से 5 हजार लाइटें देने का प्रस्ताव रखा है, इसमें बदलाव करने की बात करते हुए 10 हजार लाइटें टाटा कंपनी से लेने का प्रस्ताव रखा गया है। वहीं, एलईडी लाइटों को लेकर ये भी शर्त रखी गई है, जिस पार्षद को लाइटें दी जाएंगी, उसका लिखित में रिकार्ड लिया जाएगा और एक बार ही लाइटें दी जाएंगी।


