नीमच जिले के मनासा क्षेत्र के आतरीमाता में 11 केवी हाईटेंशन लाइन की चपेट में आए गोपालपुरा निवासी बंशीदास पिता रामदास बैरागी (43) की गुरुवार को उपचार के दौरान मौत हो गई। मौत की खबर लगते ही परिजनों और ग्रामीणों ने महागढ़ स्थित बिजली कंपनी कार्यालय का घेराव कर शव रखकर विरोध प्रदर्शन किया। परमिट होने के बावजूद अचानक चालू हुई बिजली यह हादसा 18 नवंबर की शाम करीब 4 से 6 बजे के बीच हुआ था। बंशीदास अपने पिता और अन्य कर्मचारियों के साथ आतरीमाता में घरेलू लाइन के लिए केबल खींचने और मीटर लगाने का काम कर रहे थे। इस काम के लिए ग्रिड से बिजली आपूर्ति पूरी तरह बंद करने का परमिट जारी किया गया था। मृतक के पिता रामदास बैरागी ने आरोप लगाया कि ऑपरेटर की लापरवाही से परमिट होने के बाद भी अचानक बिजली चालू कर दी गई। इसी दौरान बंशीदास सीधे 11 केवी लाइन की चपेट में आ गए और बुरी तरह झुलसकर खंभे से नीचे गिर पड़े। अहमदाबाद अस्पताल में तोड़ा दम गंभीर हालत में उन्हें पहले मनासा शासकीय अस्पताल ले जाया गया। वहां से नीमच जिला अस्पताल और फिर बेहतर इलाज के लिए अहमदाबाद रेफर किया गया। हालांकि लगातार उपचार के बावजूद गुरुवार को उनकी मौत हो गई। शव रखकर किया प्रदर्शन, तीन घंटे बाद बनी सहमति मौत की जानकारी के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने गुरुवार शाम विद्युत विभाग कार्यालय के बाहर शव रखकर धरना शुरू कर दिया। उनकी मांग थी कि दोषियों पर कार्रवाई की जाए और परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए। सूचना मिलते ही एसडीएम और तहसीलदार मौके पर पहुंचे और परिजनों से चर्चा की। करीब तीन घंटे की बातचीत के बाद समझौता हुआ। परिजन तब माने जब उन्हें विभाग के ठेकेदार की ओर से 11 लाख रुपए और बिजली कंपनी की ओर से 4 लाख रुपए, कुल 15 लाख रुपए की सहायता देने का आश्वासन दिया गया। साथ ही परिवार के एक सदस्य को दैनिक वेतन भोगी के रूप में नौकरी देने पर भी सहमति बनी। इसके बाद ग्रामीणों ने धरना समाप्त कर दिया।


