ऊपर तस्वीर में दिख रहा आलीशान बंगला किसी बिजनेसमैन या नेता का नहीं है। ये बंगला है दूसरी तस्वीर में हेलिकॉप्टर में खड़े नजर आ रहे सादिक खान का। सादिक ने बंगला राजस्थान-एमपी बॉर्डर पर स्मैक की तस्करी करके बनाया है। झालावाड़ पुलिस ने नशा तस्करों के खिलाफ ऑपरेशन दिव्य प्रहार में इस करोड़ों के बंगले को भी फ्रीज कर दिया। दैनिक भास्कर की स्पेशल सीरीज ‘नशे के सौदागर’ के पार्ट 1 और 2 में आपने सोहैल लाला ओर भगवान सिंह की कहानी पढ़ी। आज तीसरे और अंतिम पार्ट में झालावाड़ के सादिक खान की कहानी… सादिक के दादा मौज मोहम्मद का मूल गांव गादिया था। कई साल पहले उसके पिता नियाज मोहम्मद परिवार सहित झालावाड़ के भालता के छुवाड़िया गांव में आकर बस गए। यहां कुछ जमीन पर उन्होंने खेतीबाड़ी शुरू की। नियाज मोहम्मद ने बकरे-बकरियों और सोयाबीन की खरीद-बिक्री का भी काम किया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, इसी की आड़ में नियाज मोहम्मद ने नशा तस्करी का भी काम किया। इससे काफी पैसा कमाया। हालांकि नियाज कभी भी पुलिस की पकड़ में नहीं आया और न ही कानूनी शिकंजे में उलझा। उसके दो बेटे जफ़र और सादिक थे। जल्दी अमीर बनने की चाह में सादिक नशा तस्करी में उतर गया। 12वीं तक पढ़े सादिक का दिमाग शातिराना था। वो कभी भी किसी स्मैक तस्करी की डील में सामने नहीं होता था। सप्लाई और डिलीवरी के लिए भी उसने छोटे-छोटे लड़कों की फौज तैयार कर रखी थी। ताकि वो पकडे़ भी जाएं तो नाबालिग होने के कारण आसानी से बच जाएं। 2020 में पहली बार नजर में आया सादिक पहली बार दिसंबर 2020 में पुलिस की नजर में आया। बारां के सदर थाने की पुलिस धौलाकुंआ पुलिस चौकी के इलाके में नाकेबंदी पर थी। यहां अचानक 2 बाइक आती दिखाई दीं। दोनों पर दो-दो लड़के बैठे थे। पुलिस को देख दोनों ने बाइक वापस घुमा ली और भागने लगे। पुलिस टीम ने पीछा कर चारों को पकड़ लिया। जब इनकी तलाशी ली गई तो उन चारों के पास मिलाकर करीब 20 लाख रुपए की स्मैक मिली। चार में से तीन लड़के 16 -17 साल के ही लग रहे थे। ऐसे में उनके कब्जे से इतनी बड़ी कीमत की स्मैक बरामदगी ने पुलिस को चौंका दिया था। हालांकि बाद में डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन में वो तीनों 18 से ज्यादा साल के निकले थे। पुलिस ने दोनों मोटरसाइकिलों और स्मैक को जब्त कर चारों लड़कों से सख्ती से पूछताछ की। उन्होंने बताया कि उन्होंने ये स्मैक भालता के छुवाड़िया के रहने वाले 23 साल के स्मैक तस्कर सादिक खान से ली है। पुलिस ने सादिक की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी, लेकिन वो हाथ नहीं आया। यही सादिक के खिलाफ पहला एनडीपीएस एक्ट का मामला था। नाकाबंदी में पकड़े गए युवक ने भी सादिक का नाम लिया इसके महीने भर बाद ही 20 जनवरी 2021 को नगरपरिषद चुनावों से पहले झालावाड़ शहर में शान्ति व्यवस्था को लेकर कोतवाली पुलिस गश्ती व नाकेबंदी पर थी। कालीसिंध पुलिया पर एक आदमी पैदल चला आ रहा था। उसने पुलिस टीम को देख पीछे भागना स्टार्ट कर दिया था। पुलिस ने उसे पकड़कर पूछताछ की। उसने पुलिस को अपना नाम सलाउद्दीन बताया। उसके पास से 1 लाख 40 हजार रुपए की स्मैक मिली। सलाउद्दीन से पूछताछ में सामने आया कि उसने ये स्मैक भालता के दुर्जनपुरा निवासी राजू तंवर से खरीदी थी। पड़ताल में सामने आया कि 25 साल का राजू तंवर उर्फ़ कैलाशचंद असल में भालता के खैरदन्ता का रहने वाला है। पुलिस ने राजू तंवर को भी पकड़ लिया। उससे पूछताछ हुई तो एक बार फिर सादिक खान का नाम सामने आया। पुलिस की गाड़ी पर पथराव कराकर सादिक फरार झालावाड़ की कोतवाली पुलिस सादिक को पकड़ने के लिए 26 मार्च 2021 को भालता पहुंची थी। पुलिस टीम को मुखबिर से सूचना मिली थी कि बकानी रोड पर सादिक का आलीशान मकान बन रहा है। वह वहीं मिलेगा। जानकारी पुख्ता होने के बाद कोतवाली पुलिस टीम ने भालता थाने से जाब्ते को साथ ले कर वहां दबिश दी और सादिक को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस टीम सादिक को ले जाने लगी तो वहां मौजूद लोगों ने पुलिस की गाड़ी पर पथराव कर दिया। पुलिस टीम जैसे-तैसे सादिक को लेकर वहां से निकली तो थोड़ा आगे सादिक के परिजनों ने बीच रास्ते में स्कॉर्पियो गाड़ी आदि लगाकर रास्ता रोक लिया। रास्ता रोकने वालों में महिलाएं भी थीं। इधर तब तक पीछे से भी काफी लोग हंगामा मचाते हुए वहां आ गए। इस दौरान वहां भीड़ को लीड कर रहे सादिक के पिता नियाज मोहम्मद ने पुलिस टीम को धमकाया। वहां मौजूद लोगों से कहा- ‘किसी को भी पुलिस से डरने की जरूरत नहीं है। इन सबसे मैं निपट लूंगा। बस आज सादिक को हर हाल में छुड़वाना है।’ इसके बाद हमलावरों ने मिलकर न सिर्फ पुलिस के गाड़ी पर पथराव किया, बल्कि सादिक को भी हिरासत से छुड़ा कर ले गए। हालांकि इसके बाद भालता थाना पुलिस ने सादिक को 30 मार्च 2021 को फिर से गिरफ्तार कर लिया गया। फिलहाल सादिक जमानत पर बाहर है। बंगले की कीमत 7 करोड़ से ज्यादा भास्कर पड़ताल में सामने आया कि सादिक ने कुछ समय पहले ही बकानी रोड पर आलीशान बंगला बनाया था। अब पुलिस ने नारकोटिक्स एक्ट की धारा 68 एफ के तहत करीब 7.5 करोड़ रुपए कीमत के बंगले को सीज कर दिया है। इसके अलावा डेढ़ लाख रुपए कीमत की दो मोटरसाइकिलें भी सीज की हैं। एसपी अमित बुढ़ानिया ने बताया कि ऑपरेशन दिव्य प्रहार में पुलिस की MOB शाखा ने पिछले कुछ महीनों से नशा नेटवर्क से जुड़े अपराधियों और उनके रिश्तेदारों की अवैध संपत्तियों का गोपनीय डेटाबेस तैयार किया था। इसके बाद संपत्तियों को फ्रीज करने की कार्रवाई की। इस कार्रवाई के लिए एसपी कार्यालय में एक 4 सदस्यीय विशेष टीम का गठन किया गया था। इस टीम में हेड कॉन्स्टेबल हेमंत शर्मा, पिंकू मैरोठा और साइबर यूनिट से कॉन्स्टेबल वीकेश और नीतेश शामिल हैं। …. नशे के सौदागर सीरीज से जुड़ी ये खबरें भी पढ़िए… 1. रील्स में बंदूकों-गाड़ियों की नुमाइश करने वाला स्मगलर:7वीं पास सोहैल का 3 राज्यों में नशे का नेटवर्क; करोड़ों की प्रॉपर्टी, अब जेल में, पार्ट-1 ऑटोमैटिक राइफल की नुमाइश कर रहा ये शख्स राजस्थान, महाराष्ट्र और एमपी में MD ड्रग्स का बड़ा तस्कर ‘सोहैल पठान’ उर्फ सोहैल लाला है। सोहैल झालावाड़ के डग कस्बे का रहने वाला है। पूरी खबर पढ़िए… 2. 10 साल सरपंच रहा, फिल्मों की तरह गाड़ियां बदलकर तस्करी:पेट्रोल पंप लगाया, करोड़ों का मार्केट-घर बनाया, प्रॉपर्टी किसी और के नाम पर, पार्ट-2 10 साल तक इलाके में ‘सरपंच’ और ‘नेताजी’ के नाम से पैठ रखने वाला भगवान सिंह राजस्थान, एमपी सहित कई राज्यों में स्मैक तस्करी का नेटवर्क चला रहा था। पूरी खबर पढ़िए…


