भास्कर न्यूज | रामानुजनगर सूरजपुर जिले की प्रशासनिक व्यवस्था की सुस्ती एक बार फिर सामने आई है। कलेक्टर कार्यालय की भू-अभिलेख शाखा और डिप्टी कलेक्टर कार्यालय में वर्ष 2014 से लंबित एक प्रकरण के कारण रामानुजनगर तहसील के ग्राम रामतीर्थ के सुंदरपुरपारा के ग्रामीण पिछले कई वर्षों से चक्कर लगाने को मजबूर हैं। हैरानी की बात यह है कि सभी कार्यालयीन औपचारिकताएं पूरी होने के बावजूद केवल एक लाइन के आदेश के अभाव में पटवारी द्वारा भू-नक्सा पोर्टल पर नक्सा अपलोड नहीं किया जा सका है। पूरा मामला ग्राम रामतीर्थ के सुंदरपुरपारा का है, जहां वर्ष 1990 में वन व्यवस्थापन योजना के तहत शासन द्वारा ग्रामीणों को पट्टे प्रदान किए गए थे। खसरा अभिलेखों के अनुसार ग्रामीण शासन द्वारा आवंटित भूमि पर काबिज भी हैं, लेकिन भू-नक्सा पोर्टल पर ऑनलाइन नक्सा दर्ज नहीं होने के कारण न तो व्यक्तिगत भूस्वामी योजनाओं का लाभ ले पा रहे हैं और न ही लगभग 500 की आबादी वाला पूरा मोहल्ला विकास की बुनियादी सुविधाओं से जुड़ पा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार वर्ष 2014 से वे लगातार भू-अभिलेख शाखा, तहसील कार्यालय और कलेक्टर कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। तहसील कार्यालय द्वारा निर्धारित प्रारूप में सर्वे रिपोर्ट, नक्सा सीट का पीडीएफ, इमेज सीडी सहित सभी आवश्यक दस्तावेज भू-अभिलेख शाखा को भेजे जा चुके हैं। डिप्टी कलेक्टर सुनील अग्रवाल ने बताया कि वर्ष 2014-15 का सर्वे नक्शा प्रकाशित नहीं होने के कारण प्रक्रिया में दिक्कत आ रही है। कलेक्टर से चर्चा के बाद डीएफओ से जानकारी मांगी गई है। जानकारी मिलने के बाद रायपुर से मार्गदर्शन लिया जाएगा। उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर संभव हुआ तो विलंब नहीं होगा, अन्यथा नए सिरे से सर्वे कर नया नक्सा प्रकाशित करना पड़ेगा, जिसमें दो से तीन माह का समय लगेगा। आक्रोशित ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे पूरे गांव को राजस्व और निर्वाचन नक्शे से विलोपित करने की मांग के साथ चुनाव बहिष्कार का कदम भी उठा सकते हैं।


