13 सितंबर से ही पूरे प्रदेश में लीक हुआ पेपर, फिर भी नहीं रोकी परीक्षा

एसआई भर्ती-2021 पेपर लीक मामले में एकलपीठ की ओर से भर्ती रद्द करने के आदेश के खिलाफ दायर अपीलों पर हाईकोर्ट की खंडपीठ में मूल प्रार्थी कैलाशचन्द्र शर्मा की ओर से बहस जारी रही। प्रार्थी पक्ष ने शुक्रवार को कहा कि एसओजी की रिपोर्ट कोई कहानी नहीं थी, बल्कि यह तथ्यात्मक रिपोर्ट एसओजी की तीन चार्जशीट के आधार पर दी थी। एसआई भर्ती के पेपर 13 से 15 सितंबर तक हुए और पूरे प्रदेश में व्यापक स्तर पर लीक हुए थे। इस दौरान ही 13 सितंबर को भर्ती का पहला पेपर चाचा-भतीजा ब्लूटूथ गैंग के तुलछाराम कालेर व सौरभ कालेर ने बीकानेर के रामसहाय सीनियर सेकंडरी स्कूल से लीक कराए थे। इसके अलावा 13 तारीख का जो पेपर लीक हुआ, उसके खिलाफ उसी दिन पाली व बीकानेर में रिपोर्ट दर्ज हो गई। इसके बावजूद भी भर्ती परीक्षा को स्थगित नहीं किया गया। अगले दो दिनों 14 व 15 तारीख को में जयपुर से कई गिरोहों तक पेपर पहुंचाने वाले यूनिक भांभू व जगदीश विश्नोई विदेश भाग गए और उन पर एक लाख रुपए का इनाम घोषित किया। प्रार्थी पक्ष व असफल अभ्यर्थियों की ओर से सीनियर एडवोकेट आरपी सिंह और अधिवक्ता हरेन्द्र नील ने कहा कि इस भर्ती का पेपर लीक करने में गिरोह शामिल था। परीक्षा के समय देशभर में 11 एफआईआर दर्ज हुई, लेकिन मामला दबा दिया गया। हालांकि एक अभ्यर्थी से परीक्षा केन्द्र पर मोबाइल बरामद हुआ और उसमें पेपर की कॉपी मिली। आरपीएससी ने परीक्षा केन्द्रों की वीडियोग्राफी भी नहीं कराई, जिससे पेपर लीक होने पर यह अनुमान लगाना मुश्किल है कि यह किस अभ्यर्थी तक पहुंचा।

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