भरतपुर के कार्तिक शर्मा को इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के मिनी ऑक्शन में चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) ने 14.20 करोड़ में खरीदा है। कार्तिक अब महेंद्र सिंह धोनी के साथ खेलेंगे। वे ऑक्शन के बाद पहली बार बुधवार सुबह अपने पिता मनोज शर्मा और मां राधा शर्मा के साथ भरतपुर पहुंचे। यहां उनका स्वागत किया गया। मंगलवार शाम को भरतपुर में जमकर आतिशबाजी की गई थी। कार्तिक का ये सफर इतना आसान नहीं रहा। करोड़ों में बिकने वाले कार्तिक अपने संघर्ष के दिनों में रेन बसेरे तक में पिता के साथ सोए। कार्तिक के पिता मनोज शर्मा ने अपने संघर्ष के दिनों को याद करते हुए बताया कि- क्रिकेट के लिए हम दोनों बाप-बेटों ने भूखे रहकर रात गुजारी। DCA सचिव शत्रुघ्न तिवारी बताते हैं- कार्तिक अटैकिंग खेलता है, वो टी-20 फॉर्मेट का खिलाड़ी है। वो हमेशा मशीन पर प्रैक्टिस करता तो हर बॉल पर सिक्स मारने की सोचता था। पिता मनोज शर्मा ने उसे यहां तक पहुंचाने के लिए दुकान बेच डाली। इसके बाद कोल्ड ड्रिंक और पानी की बोतल सप्लाई की। उसके पिता ट्यूशन भी पढ़ाते हैं। खुद कार्तिक अपनी क्रिकेट किट के लिए ट्यूशन पढ़ाता था। दैनिक भास्कर में पढ़िए कार्तिक की कहानी… रेन बसेरा में भी रुकना पड़ा
कार्तिक के पिता ने बताया- एक बार मैं ग्वालियर में एक टूर्नामेंट में कार्तिक के साथ गया था। वहां हमें उम्मीद थी कि 4 से 5 मैच के बाद हम वापस आ जाएंगे। इससे ज्यादा हमारी टीम आगे नहीं जाएगी, लेकिन कार्तिक और उसके साथियों ने बहुत अच्छा परफॉर्म किया और टीम फाइनल तक पहुंची। उन्होंने बताया- हम लोगों के पास इतने ही पैसे थे कि हम ग्वालियर में 4 से 5 मैच ही रुक सकते थे। टीम फाइनल तक पहुंची तब तक हमारे पैसे खत्म हो गए थे। हालात ये थे कि होटल में रुकने और खाने तक के पैसे नहीं थे। ऐसे में हम दोनों वहां के रेन बसेरा में रुके। इस दौरान एक दिन हमें भूखा भी सोना पड़ा। जब कार्तिक को फाइनल का प्राइज मिला तो हम घर लौटे। पिता ने छोटी-छोटी मजदूरी कर रुपए जुटाए
DCA के सचिव शत्रुघ्न ने बताया कि कार्तिक (19) दारापुर इलाके में पेट्रोल पंप के पास रहता है। वह बेहद गरीब परिवार से है। उसके पिता मनोज शर्मा प्राइवेट ट्यूशन पढ़ाते हैं। कार्तिक भी घर चलाने के लिए ट्यूशन पढ़ाता था। उसे खेलने का बहुत शौक था, इसलिए पिता ने उसे कभी नहीं टोका। कार्तिक की मां राधा शर्मा हाउस वाइफ हैं। मनोज शर्मा ने बताया- उसके पिता को उसका टैलेंट मालूम था, ऐसे में उन्होंने कभी उसे मना नहीं किया। कार्तिक के पिता छोटी-छोटी मजदूरी कर अपने बेटे को क्रिकेट खेलने के लिए रुपए जुटाते थे। जब कार्तिक ढाई साल का था, तब घर में एक बैट और बॉल रखी थी। उसने बैट को उठाया और उससे बॉल मारी। इस शॉट से घर में रखी दो तस्वीरें टूट गई। तब से हमें लगने लगा कि कार्तिक एक अच्छा खिलाड़ी बनेगा। बेटे को प्रैक्टिस करवाते हैं पिता
शत्रुघ्न तिवारी ने बताया- कार्तिक के पिता ने उसके लिए बॉलिंग मशीन खरीदी, बल्कि 500 बॉल भी खरीद रखी है। जिसकी मदद से वह कार्तिक को हर दिन 150 की स्पीड से बॉल फेंक सिक्स लगाने की प्रैक्टिस करवाते हैं। उन्हें यकीन था कि कार्तिक एक दिन बड़ा खिलाड़ी बनेगा। कार्तिक के दो भाई और हैं। छोटा भाई प्रिंस (15) कोटा में पढ़ाई करता है और सबसे छोटा भाई अनमोल (13) भी क्रिकेट खेलता है। वह दोनों हाथों से बॉलिंग करता है। कार्तिक बोले- बहुत मुश्किल से मिली कामयाबी
भरतपुर पहुंचने पर कार्तिक से बातचीत की। वे बोले- मेरे सिलेक्शन के बाद परिवार के सभी लोग काफी खुश हैं। घर पर भी अच्छा माहौल है। पहली बार इस लेवल पर सिलेक्शन हुआ है। इसी साल मैंने 12वीं पास की है। अब कॉलेज में एडमिशन लेना है। मेरी मां नगर निगम में नौकरी करती हैं। सबसे छोटा भाई क्रिकेट खेलता है और उससे बड़ा भाई पढ़ाई करता है। कार्तिक ने बताया- घर की आर्थिक स्थिति ज्यादा ठीक नहीं है मैं कोशिश करूंगा घर की आर्थिक स्थिति जल्द ही ठीक हो। बचपन से मैंने क्रिकेट खेलना शुरू किया। मेरे पिता मुझे प्रैक्टिस करवाते थे। इसके बाद भी कामयाबी नहीं मिली। अंडर-14 और अंडर-16 खेला। इसके बाद 4 साल लगातार सिलेक्शन नहीं हुआ। लेकिन, मैंने अपना गेम नहीं छोड़ा और लगातार खेलता रहा। तब अंडर-19 खेला और वहां से रणजी ट्रॉफी में चांस मिला। रणजी ट्रॉफी में अच्छी परफॉर्मेंस के बेस पर IPL में सिलेक्शन हुआ। देखिए भरतपुर में जश्न की तस्वीरें… कार्तिक के पिता भी क्रिकेट खेलते थे
कार्तिक के पिता भी क्रिकेट खेलते थे। वह मीडियम पेस बॉलर करते थे लेकिन, चोट आने के कारण वह क्रिकेट नहीं खेल पाए। तब मनोज शर्मा ने सोचा कि मेरे कोई बच्चा होगा तो उसे क्रिकेटर बनाऊंगा। कार्तिक की मां राधा शर्मा ने बताया- मुझे मेरे बेटे पर बहुत गर्व है। हमारे सामने बहुत कठिन परिस्थितियां आई वह सभी परिस्थिति कार्तिक के लिए हमने झेली। जो मुमकिन था वह किया। इसी फॉर्मेट के लिए बना कार्तिक
DCA सचिव ने बताया- साल 2014 में वह DCA में आया था, तब उसकी परफॉर्मेंस देखकर DCA ने उसे खेलने में सपोर्ट किया। आप उसे प्रैक्टिस करते हुए देखेंगे तो लगेगा कि वह हर बॉल पर सिक्स मारना चाह रहा है। कार्तिक अंडर-14, अंडर-16 खेल चुका है, साथ ही अंडर-19 राजस्थान की टीम का कप्तान भी रह चुका है। इसके अलावा कार्तिक इंडिया-C टीम के लिए भी खेला है। कार्तिक ने 12वीं तक पढ़ाई की है। …. IPL ऑक्शन से जुड़ी ये खबरें भी पढ़िए… 1. केविन पीटरसन की तरह शॉट्स लगाते हैं कार्तिक शर्मा:IPL में CSK से खेलेंगे, 14.20 करोड़ में खरीदा; लंबे छक्के मारने में महारत भरतपुर (राजस्थान) के 19 साल के कार्तिक शर्मा इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के मिनी ऑक्शन में 14.20 करोड़ में बिके हैं। चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) ने उन्हें 30 लाख की बेस प्राइस से 47 गुना ज्यादा कीमत देकर खरीदा। (पढ़ें पूरी खबर) 2. IPL में राजस्थान के कार्तिक शर्मा 14.20 करोड़ में बिके:राहुल चाहर पहले अनसोल्ड रहे, फिर 5.2 करोड़ में चेन्नई ने खरीदा; रवि बिश्नोई RR से खेलेंगे अबु धाबी में मिनी ऑक्शन में चेन्नई सुपर किंग्स ने राजस्थान के राहुल चाहर को 5.20 करोड़ रुपए में खरीदा। राहुल पहले अनसोल्ड रहे थे। झुंझुनूं के मुकुल चौधरी को लखनऊ सुपर जायंट्स ने 2 करोड़ 60 लाख रुपए में खरीदा। पूरी खबर पढ़िए…


