राजगढ़ में कड़ाके की ठंड के बीच रात में बिजली आपूर्ति से परेशान किसानों ने मंगलवार को प्रदर्शन किया। खुजनेर-राजगढ़ रोड पर करेड़ी ग्रिड के सामने 14 गांवों के किसानों ने चक्काजाम कर दिया। वे दिन के समय कृषि बिजली आपूर्ति की मांग कर रहे थे। किसानों का कहना था कि दिन में अधिकारी ठंड से बचने के लिए कई कपड़े पहनते हैं, जबकि किसानों को रात में खुले खेतों में सिंचाई करनी पड़ती है, जिससे जान का जोखिम रहता है। उनकी मुख्य मांग कृषि बिजली की आपूर्ति दिन के समय करना है। 14 गांवों के किसान प्रदर्शन में शामिल
करेड़ी ग्रिड से जुड़े करेड़ी, कोलूखेड़ी, गेहूंखेड़ी, करेड़ा, चम्पापुरा और खेरासी जलालिया सहित 14 गांवों के किसान इस प्रदर्शन में शामिल हुए। किसानों ने बताया कि उन्हें 10 घंटे की पर्याप्त बिजली नहीं मिल रही है, और जो आपूर्ति मिलती है, वह भी रात के समय होती है। शीतलहर के दौरान रात में खेतों में सिंचाई करना बेहद कठिन है, जिससे स्वास्थ्य और फसलों की देखरेख दोनों प्रभावित हो रही हैं। चक्काजाम के कारण खुजनेर-राजगढ़ रोड पर यातायात पूरी तरह बाधित हो गया, जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। किसानों ने नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों पर अड़े रहने की बात कही। उनका आरोप था कि बिजली कंपनी के अधिकारी उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। प्रदर्शन के दौरान, किसानों को समझाने पहुंचे बिजली कंपनी के जेई ठंड से बचने के लिए कई कपड़े पहने हुए थे। इस पर पूर्व विधायक हेमराज कल्पोनी ने सवाल किया, “जब आप दोपहर 12 बजे इतने कपड़े पहन रहे हैं, तो रात की कड़ाके की ठंड में किसान कैसे सिंचाई करेगा? क्या आप रात में खेत में रुककर सिंचाई कर पाएंगे?” इस सवाल ने किसानों की परेशानी को उजागर किया। अधिकारियों का आश्वासन, एक घंटे बाद खुला जाम
चक्काजाम की सूचना मिलते ही तहसीलदार अनिल शर्मा, बिजली कंपनी के जेई सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने किसानों को जल्द समस्या के निराकरण और वैकल्पिक व्यवस्था का आश्वासन दिया। करीब एक घंटे तक चले चक्काजाम के बाद किसानों ने जाम समाप्त किया, लेकिन चेतावनी दी कि यदि दिन की बिजली सप्लाई नहीं मिली तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।


