धमतरी जिले में महाशिवरात्रि का पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है। यहां सोमवार को 1400 साल प्राचीन मंदिर में भगवान शिव की भव्य बारात निकाली गई। पांच दिवसीय महाशिवरात्रि पर्व के दौरान परंपरागत रूप से हल्दी और मेहंदी की रस्में की गईं। इसके बाद भगवान शिव को पालकी में विराजमान कर बारात निकाली गई। महाराष्ट्र से बुलाए गए ढोल-ताशा वादक बारात में विभिन्न स्थानों से आए कलाकारों ने शिरकत की। बनारस से अघोरी, कलकत्ता से नवदुर्गा और महाकाली के रूप धारण किए कलाकार शामिल हुए। महाराष्ट्र से ढोल-ताशा वादक और किन्नरों की टोली ने भी बारात में भाग लिया। शहर के आराध्य देवी मां बिलाई माता मंदिर से भगवान शिव को पालकी में सवार कर भक्तों ने जयकारा लगाते हुए शहर भ्रमण किया। रास्ते में जगह-जगह भक्तों ने फूल वर्षा कर भगवान शिव का स्वागत किया। उत्सव का समापन देर रात तक चला। पांच दिवसीय खास आयोजन यहां पिछले 5 सालों से बड़े धूमधाम धाम से महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाता है। जिसमें शामिल होने भक्त दूर दूर से पहुंचते है। पांच दिवसीय आयोजन में मेहंदी, हल्दी और भोले की बारात निकाली जाती है। बूढ़ेश्वर महादेव मंदिर के भक्तों ने बताया कि धमतरी शहर के बूढ़ेश्वर महादेव मंदिर करीब 1400 साल प्राचीन मंदिर है। इस मंदिर को पूर्वजों ने संजो कर रखा है और इसी मंदिर को जीर्णोद्धार भी कराया जा रहा है। कई राज्यों के कलाकार हुए शामिल शिव जी की बारात महोत्सव में आंगा देवता, राउत नाचा बस्तर आर्ट, नागपुर से महाकाली काली की झांकी और किन्नरों की टोली, कोलकाता का शेर झांकी, बनारस से अघोरी की टीम, नागपुर से ढोल ताशा, बनारस से डमरू की टीम, कोलकाता से महाआरती सहित अन्य राज्यों से झांकी पहुंची थी।


