आरोपियों में आरके आनंद, बंधु तिर्की, मधुकांत पाठक, पीसी मिश्रा व एमएस हाशमी भी हैं 34वें राष्ट्रीय खेल घोटाला मामले में सीबीआई के स्पेशल जज पीके शर्मा की अदालत ने मामले में नामजद सभी 15 आरोपियों के खिलाफ संज्ञान लिया है। कोर्ट ने सभी आरोपियों को मामले में हाजिर होने के लिए 15 जनवरी 2025 की तिथि निर्धारित की है। अपने आदेश में कोर्ट ने आरोपियों के खिलाफ समन जारी करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने जिनके खिलाफ संज्ञान लिया है, उसमें आरके आनंद, बंधु तिर्की, मधुकांत पाठक, एसएम हाशमी, पीसी मिश्रा, प्रेम कुमार चौधरी, हीरालाल दास और शिव प्रकाश सिंह समेत अन्य आरोपी शामिल हैं। पूर्व में इस खेल घोटाले को लेकर एसीबी की ओर से दर्ज एफआईआर में घोटाले की कुल रकम 28.34 करोड़ रुपए बताई गई थी। आरोप है कि आयोजन समिति के पदाधिकारियों की मिलीभगत से जरूरत से अधिक खेल सामग्री खरीदी गई थी। सामान की खरीदारी में बाजार मूल्य से अधिक राशि का भुगतान किया गया था। आयोजन समिति के अध्यक्ष को राज्य मंत्री का दर्जा था। उनके रांची आगमन पर राजकीय अतिथिशाला में ठहरने, कहीं आने-जाने के लिए परिवहन और सुरक्षा की व्यवस्था थी। आरोप है कि आरके आनंद गेस्ट हाउस की बजाए रांची के बड़े होटलों में ठहरते थे, जिस पर हुए खर्च को भी आयोजन में जोड़ दिया गया। उनके होटलों में ठहरने का बिल लगभग 10 लाख रुपए का था। एसीबी राष्ट्रीय खेल आयोजन समिति, एनजीओसी के महासचिव एसएम हाशमी, कोषाध्यक्ष मधुकांत पाठक, निदेशक पीसी मिश्रा के खिलाफ पहले ही चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। हाईकोर्ट के आदेश पर सीबीआई को मिली जांच की जिम्मेवारी खेल घोटाले और एसीबी जांच में देरी को लेकर सुशील कुमार सिंह मंटू, झारखंड अगेंस्ट करप्शन सेंटर फॉर आरटीआई की ओर से अलग-अलग जनहित याचिकाएं दायर की गई थीं, जिन पर सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने मामले में जांच की जिम्मेवारी सीबीआई को हैंडओवर करने का आदेश दिया था।


