सांचौर के बहुचर्चित जालम सिंह हत्याकांड के आरोपी चनणाराम विश्नोई की जमानत याचिका राजस्थान हाईकोर्ट ने खारिज कर दी। चनणाराम विश्नोई की ओर से उनके वकील ने जमानत प्रार्थना-पत्र पेश कर हाईकोर्ट में बहस करते हुए यह कहा कि इस मुल्जिम को दुश्मनी के कारण झूठा फंसाया गया है। अगस्त 2024 से जेल में बन्द हैं। मुकदमे के निस्तारण व फैसला होने में अभी लम्बा समय लगने की सम्भावना है। इसलिए इस मुल्जिम को जमानत पर छोड़े जाने का आदेश दिया जाएं। परिवादी पक्ष की तरफ से जमानत याचिका का विरोध किया गया। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद राजस्थान हाईकोर्ट के जज जस्टिस कुलदीप माथुर ने मुल्जिम चनणाराम विश्नोई का जमानत प्रार्थना-पत्र खारिज कर दिया। ये है मामला 18 अगस्त 2024 को सांचौर पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज हुई थी। इसमें अनोप सिंह ने बताया था कि मेरा छोटा बेटा जालम सिंह हुबली में भागीरथ विश्नोई की लॉज पर नौकरी करता था। भागीरथ कुछ समय से उसको वेतन नहीं दे रहा था। जालम सिंह ने भागीरथ से तनख्वाह के बकाया रुपए मांगे तो भागीरथ विश्नोई ने उसे नौकरी से निकाल दिया था। तब से जालम सिंह मेरे पास गांव में रह रहा था। कुछ समय पहले भागीरथ मेरे घर पर आया था और उसने कहा कि आपके बेटे जालम सिंह ने पुलिस में हमारी मुखबिरी करके हमारी लॉज से डोडे पकड़ा दिए हैं। इस कारण से हमें 15 लाख रुपए का खर्चा आया हैं। इसलिए आप मुझे 15 लाख रुपए दो अन्यथा मैं आपके बेटे को मारे बगैर नहीं छोडूंगा। तब मैंने मेरे बेटे जालम सिंह को बुलाया और सभी के सामने उसने भागीरथ से कहा कि उसने आपकी लॉज से डोडे नहीं पकड़वाए थे। लेकिन भागीरथ संतुष्ट नहीं हुआ और जान से खत्म करने की धमकी देकर चला गया था। लड़के को उठाकर पिता से मांगे 15 लाख रिपोर्ट में अनोप सिंह ने बताया- 17 अगस्त 2024 को दोपहर 2 बजे मेरा बेटा जालम सिंह मेरे घर गांव सांगड़वा से सांचौर जाने का कहकर निकला था। शाम को 6 बजे वाली लास्ट बस से जब जालम सिंह घर पर नहीं आया तो मैंने उसके मोबाइल पर 3-4 बार फोन किया तो फोन रिसीव नहीं हुआ। फिर मैंने वापस फोन लगाया तब मुल्जिम भागीरथ ने जालम सिंह का फोन उठाया। उसने बताया था कि मैं भागीरथ बोल रहा हूं। आपके लड़के जालम सिंह को मैं उठाकर घर लेकर आया हूं। आपके लड़के की मुखबिरी के कारण मुझे 15 लाख रुपए का नुकसान हुआ है। आप 15 लाख रुपए पहुंचा दो वरना हम आपके लड़के को जान से खत्म कर देंगे। फिर भागीरथ ने जालम सिंह की मेरे से फोन पर बात करवाई तो जालम सिंह ने रोते हुए बताया- पापा यह लोग मेरे साथ बुरी तरीके से मारपीट कर रहे हैं। आप 15 लाख रुपए लेकर जल्दी आओ। अगर रुपए नहीं पहुंचाए तो यह लोग मेरी हत्या कर देंगे। रिपोर्ट पर पुलिस थाना सांचौर ने भागीरथ विश्नोई व अन्य सह-आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर दौराने अनुसंधान उन्हें गिरफ्तार किया था। मुकदमे में भागीरथ विश्नोई व अन्य सह-आरोपियों के विरुद्ध हत्या के प्रकरण में चार्जशीट पेश की जाकर वर्तमान में मुकदमा अपर सेशन न्यायाधीश सांचौर में चल रहा है। केस लंबा चलने का दिया तर्क राजस्थान हाईकोर्ट जोधपुर में इस सेशन केस के मुल्जिम चनणाराम विश्नोई की ओर से उनके वकील ने जमानत प्रार्थना-पत्र पेश कर हाईकोर्ट में बहस करते हुए यह तर्क प्रस्तुत किए कि इस मुल्जिम को दुश्मनी के कारण झूठा फंसाया गया है। उन्होंने यह तर्क भी पेश किए कि मृतक जालम सिंह के शरीर पर 40 साधारण चोटें, नील के निशान व खरोंचे थीं। इसमें से कोई चोट गम्भीर प्रकृति की नहीं थी। मुल्जिम अगस्त 2024 से जेल में बन्द है। मुकदमे के निस्तारण व फैसला होने में अभी लम्बा समय लगने की सम्भावना है, इसलिए इस मुल्जिम को जमानत पर छोड़े जाने का आदेश प्रदान किया जाए। 40 चोटें पहुंचाकर की नृशंस हत्या इन बातों का पुरजोर विरोध करते हुए परिवादी अनोप सिंह की ओर से वकील निखिल भंडारी ने राजस्थान हाईकोर्ट जोधपुर में बहस की। उन्होंने कहा कि मुल्जिम चनणाराम विश्नोई ने अन्य सह-आरोपियों के साथ मिलकर जालम सिंह के साथ बुरी तरह मारपीट करके उसे 40 चोटें पहुंचाकर उसकी नृशंस हत्या की है। इसकी खुलेआम धमकी उन्होंने अनोप सिंह के घर आकर जालम सिंह को दी थी। इसके कुछ समय बाद धमकी अनुसार जालम सिंह का अपहरण करके उसकी हत्या कर दी थी, जिसके सारे सबूत चार्जशीट में मौजूद हैं। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद राजस्थान हाईकोर्ट के न्यायाधीश कुलदीप माथुर ने परिवादी के एडवोकेट निखिल भण्डारी के तर्कों से सहमत होते हुए मुल्जिम चनणाराम विश्नोई का जमानत प्रार्थना-पत्र खारिज कर दिया। यह भी पढ़ें… मर्डर कर हत्यारों ने एंबुलेंस बुलाई, ड्राइवर को हुआ शक:बॉडी के साथ बैठाकर दरवाजा लॉक किया; पकड़े गए 3 आरोपी


