अध्यक्ष सुदामा सेवा संस्थान राघव शर्मा से 9530222000 नंबर पर संपर्क करें। संगठन का फोकस … बेसहारा वृद्धों को आश्रय, भोजन, वस्त्र व दवा उपलब्ध करवाना है। यहां संपर्क करें बूंदी| समाज में ऐसे पीड़ित परिवारों के मुखिया जो घर से बेघर हो गए हैं, उन्हें सम्मानजनक जीवन देने का कार्य कर रहा है आसरा वृद्धाश्रम। नैनवां रोड पर सुदामा सेवा संस्थान की ओर से संचालित आसरा वृद्धाश्रम जिले के बुजर्गों का सहारा बना हुआ है। यहां पर बेसहारा व बेघर हुए वृद्ध महिला व पुरुषों को आसरा दिया जाता है। उनके खाने पीने, दवा, कपड़े सहित तमाम जरूरतों को पूरा किया जाता है। सुदामा सेवा संस्थान की ओर से संचालित आसरा वृद्धाश्रम की स्थापना 15 वर्ष पहले संस्थान के संरक्षक विधायक हरिमोहन शर्मा ने की थी, जिनके सानिध्य में बेसहारा बुजुर्गों की सेवा का कार्य संस्थान की स्थापना से अब तक लगातार जारी है। बुजुर्गों की सेवा कार्य के लिए एक कार्यकारिणी का गठन किया गया है, जो समय-समय पर बुजुर्गों की समस्याओं का समाधान व देखरेख का कार्य करती है। संस्थान में वर्तमान में अध्यक्ष राघव शर्मा, मंत्री छुट्टनलाल शर्मा, उपाध्यक्ष रामप्रकाश सविता, चंद्रशेखर शर्मा, राजेंद्र शर्मा, ओमप्रकाश जैन और मैनेजर मनीष गौतम की ओर से निरंतर सेवाएं दी जा रही है। आइए जानते हैं सुदामा सेवा संस्थान किस तरह से काम करता है। संगठन के बारे में… सुदामा सेवा संस्थान की नींव 2010 में रखी गई, वर्तमान में 365 सदस्य हैं। संस्थान ये भी करता है… सुदामा सेवा संस्थान वृद्धों की सेवा के साथ-साथ अन्य अनेक सेवाकार्य भी निरंतर करती आ रही है। संस्था के माध्यम से नैनवां में निशुल्क भोजनशाला का संचालन किया जा रहा है। संस्थान से जुड़े मनीष गौतम ने बताया कि संस्थान की ओर से जिले में किसी गरीब परिवार के सदस्य की मृत्यु होने पर परिवार की स्थिति अत्यंत दयनीय होने की जानकारी मिलने पर उसको तत्काल संरक्षक विधायक शर्मा के निर्देश पर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है। संस्थान जिले के गरीब व्यक्ति जो बीमार पड़ जाते हैं, उनके लिए निशुल्क ऑक्सीजन कंसंट्रेटर व 1 लाख रुपए की लागत का इलेक्ट्रॉनिक बेड निशुल्क उपलब्ध कराया जाता है। संस्थान में किसी भी समय कोई भी व्यक्ति जाकर निशुल्क भोजन कर सकता है। वर्तमान में 35 वृद्धों की कर रहे सेवा… सुदामा सेवा संस्थान में वर्तमान में 35 वृद्ध रह रहे हैं, जिसमें 17 पुरुष व 18 महिलाएं शामिल हैं। यहां कुल 45 व्यक्ति स्टाफ सहित रहते हैं। सुबह 7 से 8 बजे तक चाय, नाश्ते की व्यवस्था रहती है। सुबह 10.30 बजे व शाम 6.30 बजे तक भोजन व्यवस्था संस्था की ओर से की जाती है। समय-समय पर बुजुर्गों के स्वास्थ्य संबंधित जांच की जाती है। आसरा में राधागोविंद का मंदिर बना हुआ है, जिसमें यहां निवास करने वाले बुजर्गों के अलावा, कॉलोनीवासी दर्शन को आते हैं।


