भास्कर न्यूज | टंडवा बाल विकास परियोजना कार्यालय में शुक्रवार को आंगनबाड़ी केन्द्रों के नियमित संचालन को लेकर प्रखंड के 164 सेविकाओं को मोबाइल मुहैया कराई गई। बाल विकास परियोजना कार्यालय में आयोजित वितरण समारोह के दौरान सीओ सह सीडीपीओ विजय कुमार दास ने 164 सेविकाओं को मोबाईल देते हुए सरकार की बाल विकास परियोजना के उदेश्यों और दायित्वों पर खरा उतरने की आवश्यकता पर बल दिया गया। बताया गया कि आंगनबाड़ी सेविका अब केन्द्र के नियमित संचालन का डेटा रखना, सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी अपने पोषक क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले किशोरियों, मातृ व धात्री महिलाओं को जानकारी व लाभ ले सकेंगे। मौके पर विनोद कुमार, सेविकाओं में अनिता कुमारी, सरस्वती देवी, सुषमा कुमारी, सुधा कुमारी, अंजु देवी, सुलेखा कुमारी, मुक्ता गुप्ता समेत विभिन्न आंगनबाडी केन्द्रों के सेविका उपस्थित थी । भास्कर न्यूज | चतरा कृषि विज्ञान केंद्र में शुक्रवार को सरसों उत्पादन प्रदर्शनी सह प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण में मुख्य अतिथि के रूप में जिला परिषद अध्यक्षा ममता देवी एवं उप विकास आयुक्त अमरेंद्र कुमार सिंहा उपस्थित थे । कृषि विज्ञान केंद्र के वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान वैज्ञानिक रंजय कुमार सिंह ने अतिथियों का स्वागत करते हुए बताया कि आदिवासी किसानों के बीच सरसों उत्पादन के प्रति जागरूक करने के लिए भारतीय सरसों अनुसंधान केंद्र, भरतपुर राजस्थान के सहयोग से जिले के तीन आदिवासी बहुल गांव मर्दानपुर, कसारी एवं डाढ़ा में बिरसा भाभा मस्टर्ड – 1 का प्रत्यक्षण 100 किसानों के बीच 40 हेक्टेयर भूमि पर किया गया था। जिसकी उत्पादकता करीब 12 से 13 क्विंटल प्रति हेक्टेयर प्राप्त हुआ था। जिला परिषद अध्यक्षा ममता कुमारी ने आदिवासी किसानों को सरसों एवं तेलहनी फसलों के उत्पादन के प्रति जागरूक होने पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि वह भी एक किसान परिवार की महिला है। वह किसानों की समस्याओं से अवगत है। उप विकास आयुक्त ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि जिला प्रशासन आदिवासी किसान भाइयों के कृषि विकास के लिए हमेशा सहयोग करेगा। डीडीसी ने कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा चलाई जा रही मृदा जांच प्रयोगशाला का भी निरीक्षण किया। प्रशिक्षण एवं उत्पाद प्रदर्शनी में लगभग 100 किसानों ने अपने अपने उत्पाद का प्रदर्शन किया। जिसमें 30 किसानों को अच्छे उत्पादन के लिए पुरस्कृत किया गया। धन्यवाद ज्ञापन इंजीनियर विनोद कुमार पांडे ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में कृषि वैज्ञानिक धर्मा उरांव, उपेंद्र कुमार सिंह, नवल किशोर, अभिषेक घोष, लालमणि ठाकुर, किशोरी कांत मिश्रा ने अहम भूमिका निभाई।


