18 लाख खर्च कर 51 पंचायतों में कचरा प्रबंधन के लिए उपलब्ध कराई गई ट्राइसाइकिल खा रही जंग

पंचायत स्तर पर बने ग्राम जल स्वच्छता समिति फंड से लगभग 1 लाख 20 हजार की राशि खर्च कर सभी पंचायतों में पीडब्लूएमयू का निर्माण कराया जा रहा है। वही जयनगर और मरकच्चो में लगभग 10 लाख की लागत से प्रखंड स्तर पर प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट बनकर तैयार है। जिसमें सभी पंचायत से जमा कचरे को एक साथ प्रखंड स्तर पर बने प्लास्टिक वेस्ट यूनिट में लाई जायेगी। वहीं जहां पीडब्लूएमयू का निर्माण हो गया है। वहां अब तक घर-घर से कूड़ा का उठाव नहीं हो पा रहा है। क्योंकि घर घर कचड़ा उठाव के लिए अभी तक पंचायत स्तर पर कर्मी की नियुक्ति नहीं की जा सकी है। जिसके कारण शुरुआत में ही योजना जमीनी स्थल पर दम तोड़ दे रही है। जानकारी अनुसार सभी पंचायत में घर-घर कचरा उठाव के लिए 15वें वित्त आयोग से 4000 महीने पर एक स्वच्छता कर्मी की नियुक्ति की जानी है। लेकिन अभी तक स्वच्छता कर्मी की नियुक्ति नहीं की जा सकी है। जानकार बताते हैं कि एक पंचायत में एक स्वच्छता कर्मी की नियुक्ति की जानी है। जिसे एक घंटे लोगों के घरों से कचरा का उठाव करना है। लेकिन एक घंटे मे एक व्यक्ति से घर-घर जाकर पूरे पंचायत का कचड़ा उठाव नही हो पायेगा। इस तरह से हर गांव कूड़ा मुक्त कैसे बन पाएगा यह एक सवाल खड़ी हो रही है। भास्कर न्यूज| कोडरमा/डोमचांच स्वच्छ भारत अभियान ग्रामीण के तहत गांवों को स्वच्छ बनाने की योजना अबतक धरातल पर नही उतर सकी है। गौरतलब हो कि 2025 तक सभी गांवों को ओडीएफ प्लस करते हुए पूर्ण रुप से स्वच्छ बनाना है। इसके तहत पंचायतों में प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट का निर्माण शुरू हो गया है। वही मरकच्चो और जयनगर में प्रखंड स्तर पर प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट बनकर तैयार है। पंचायत स्तर पर जमा कचड़े को प्रखंड स्तर पर बने पीडब्लूएमयू मे जमा कर प्लास्टिक को रिसाइकिल किया जाएगा। लेकिन योजना धरातल पर उतारने में कई समस्या सामने आ रही है। पंचायत जनप्रतिनिधियों की उदासीनता के कारण जहां अब तक पंचायत में स्वच्छता कर्मी की नियुक्ति नहीं की गई है। वहीं सालों पहले 18 लाख खर्च कर 51 पंचायतों में कचरा प्रबंधन को लेकर उपलब्ध कराई गयी ट्राय साइकिल पंचायतों में जंग खाकर कबाड़ बन चुकी है। इससे गांवों को स्वच्छ बनाने का सपना सिर्फ सपना ही बनकर रह गया है। इस तरह सिर्फ सरकारी राशि का दुरुपयोग हो रहा है। स्वच्छ झारखंड अभियान ग्रामीण के तहत गांव-गांव को कूड़ा मुक्त बनाने के लिए ग्रामीण स्तर पर स्वच्छता के लिए कूड़ा संग्रहण स्थल का निर्माण कराया जा रहा है। इसके तहत पंचायतों में प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट (पीडब्लूएमयू) का निर्माण शुरू किया गया है। जबकि कई पंचायतों में पीडब्लूएमयू का निर्माण पूरा करा लिया गया है। लेकिन अभी तक कूड़ा उठाने की शुरुआत नहीं की गई है।

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