हाईकोर्ट के आदेश के बाद शहर से निगम एवं सरकारी भूमि अतिक्रमित कर बने अवैध निर्माण हटाए जा रहे हैं। इस क्रम में सोमवार को महुआ टोली, खादगढ़ा सब्जी मंडी परिसर में नया मामला सामने आया है। इस क्षेत्र में 40 मकान ऐसे हैं, जिन्हें 1990 में एकीकृत बिहार के तत्कालीन सीएम लालू प्रसाद यादव के मौखिक निर्देश पर नगर निगम ने पक्के मकान बनाकर लोगों को दिए थे। मगर न तो नगर निगम ने इसका कोई कागजात इन्हें दिया और न ही इन मकान में 40 साल से रह रहे लोगों ने खुद कोई कागजात लेने का प्रयास किया। अब मंगलवार तक सभी को मकान खाली करने का निर्देश दिया गया है, ताकि बुधवार को इन्हें जमींदोज किया जा सके। वहीं करीब 30 ऐसे कच्चे मकान भी हैं, जिन्हें नगर निगम ने 35 साल पहले बाकायदा भूमि आवंटित की और इनका होल्डिंग टैक्स भी ले रहा है। अब इन सभी 30 मकानों को निगम तोड़ेगा। इधर, घर टूटने की सूचना पर एक व्यक्ति दिलेश्वर साहू उर्फ जग्गू (55 साल) की सदमे से मौत हो गई। यह था मामला: निगम ने घर का पेपर ही नहीं दिया दरअसल 1990 में लालू प्रसाद यादव को स्थानीय राजद नेत्री रानी कुमारी ने खादगढ़ा का विजिट कराया था। बेघर लोगों को उन्होंने लालू यादव से मिलवाया था। उस समय पूरा खादगढ़ा परिसर खाली था। उस समय लोकप्रियता हासिल करने के लिए तत्कालीन सीएम लालू प्रसाद ने मौखिक रूप से मकान बनाकर देने की घोषणा कर दी। नगर निगम ने भी 40 पक्के मकान बनाए और लोग आनन-फानन में उन मकान में भी रहने लगे। रानी कुमारी ने बताया कि नि:संदेश मेरे प्रयास से गरीबों को मकान मिला। नगर निगम ने आवास तो बना दिया, मगर आवंटन ही नहीं किया। गलती लोगों और नगर निगम दोनों की है। 30 कच्चे मकान ऐसे हैं जिन्हें निगम ने लोगों को भूमि आवंटन प्रमाण पत्र दिया खादगढ़ा के निकट 30 ऐसे कच्चे मकान हैं, जिसमें पहले से लोेग कब्जा करके रह रहे थे। बाद में काफी प्रयास कर नगर निगम ने विभिन्न अंतराल पर आवास निर्माण के लिए उनको भूमि आवंटित की। होल्डिंग नंबर जारी कर टैक्स भी लिया जाने लगा। मगर अब कोर्ट के निर्देश पर इतने साल बाद इन्हें नगर निगम हटाने जा रहा है। वह सबकुछ जो आप जानना चाहते हैं {30 कच्चे मकान हैं, जिनको निगम ने ही भूमि आवंटित की, होल्डिंग टैक्स भी देते हैं, अब टूटेंगे {घर टूटने की सूचना मिलने पर 55 वर्षीय दिलेश्वर साहू की सदमे में हो गई मौत शिविर में दुकानदारों ने बकाया जमा किए नगर निगम द्वारा बकाएदारों से लंबित किराया जमा करने को सुगम बनाने के उद्देश्य से ढिबरी पट्टी, कला संगम अपर बाजार में एक विशेष वसूली शिविर लगाया। जिसमें बड़ी संख्या में बकाएदार पहुंचे और बकाया किराया का भुगतान किया। इसमें ईस्टर्न सर्किल के दुकानदारों से 3,63,512 रु. और वेस्टर्न सर्किल के दुकानदारों से 10,86,318 रुपए निगम को प्राप्त हुए। 37 लाख किराया बाकी रखने पर दुकान सील नियमत: सही हैं तो जांच कर समाधान निकाला जाएगा अगर निगम के द्वारा किन्हीं को भूमि आवंटन किया गया है, वे नियमत: सही हैं तो इसकी जांच कर समाधान निकाला जाएगा। अजय तिर्की के साथ कुछ लोग आए थे, उन्होंने कुछ समय मांगा है। हमने उन्हें 15 जनवरी तक का समय दिया है। ताकि वे अपने रहने का दूसरा ठिकाना ढूंढ़ लें। – सुशांत गौरव, प्रशासक, रांची नगर निगम केस-2: सुखी देवी को जमीन दी गई। जिनका होल्डिंग नंबर 0310004186000 ए6 है। ये भी नियमित होल्डिंग टैक्स जमा कर रही हैं। इनका भी बिजली और पानी का वैध कनेक्शन है। केस-1: हूरना को निगम ने नौ मार्च 1979 को 1200 वर्गफीट जमीन आवंटित की। होल्डिंग नं. 03100041900000 है। रेगुलर होल्डिंग टैक्स भी दे रही हैं। घर में बिजली-पानी का कनेक्शन भी है। इधर, अपर बाजार में निगम की सख्ती रांची | नगर निगम द्वारा निगम से आवंटित भूमि एवं दुकानों का लंबे समय से मासिक किराया भुगतान नहीं करने वाले बकाएदारों के खिलाफ अभियान चलाया गया। निगम की टीम ने सराय रोड, अपर बाजार स्थित निगम स्वामित्व की एक दुकान को सील कर दिया। इस दुकान का संचालन बच्चा नारायण सिंह द्वारा किया जा रहा था। इनके द्वारा लंबे समय से किराये का भुगतान नहीं किया जा रहा था। नगर निगम ने इनको समय-समय पर तीन लिखित नोटिस तथा कई बार मौखिक रूप से भी बकाया किराये का भुगतान करने को कहा। इसके बावजूद भुगतान नहीं किया गया। संबंधित दुकान पर कुल 37,49,782 रुपए किराया बकाया था।


