छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के चारामा में एक दुर्लभ अहराज सांप देखने को मिला है। काले-सफेद पट्टीदार यह सांप करीब 6 फीट लंबा था और इसका वजन 4-5 किलो के आसपास था। 5 जुलाई की रात करीब 9 बजे सरारपारा में एक डॉक्टर के घर में सांप दिखने की सूचना मिली। स्थानीय युवक राजू सोनी और उनके साथियों ने लोहे के जालीनुमा जाल से सर्प को पकड़ा। पकड़े जाने के समय सर्प दो छोटे सांपों को निगल चुका था। स्थानीय लोगों ने सावधानीपूर्वक रेस्क्यू कर इस जहरीले सांप को भीड़भाड़ वाले क्षेत्र से दूर महानदी घाट के पास छोड़ दिया। सरारपारा क्षेत्र में लोग सब्जी की खेती करते हैं और यह नगर का अंतिम छोर होने के कारण यहां ऐसे सर्प मिलने की संभावना रहती है। कीड़े-मकोड़ों का शिकार करता है अहराज – विशेषज्ञ वन विभाग को इस घटना की सूचना दी गई। विभाग की टीम ने लोगों को सलाह दी है कि ऐसे सर्प दिखें तो दूर रहें क्योंकि यह जानलेवा हो सकते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, अहराज सर्प आमतौर पर बारिश के मौसम में ही दिखाई देते हैं और कीड़े-मकोड़ों का शिकार करते हैं। अहराज ने दूसरे सांप को निगला वहीं, इसी मौसम में एक साल पहले कोरबा जिले में अहराज सांप ने दूसरे सांप को निगल लिया छा। इसके बाद एक जगह घेरा बनाकर बैठ गया था। इसका वीडियो भी सामने आया था। बांकी मोगरा क्षेत्र के कटईनार कॉलोनी में रहने वाले एक घर में यह सांप निकला था…पढ़ें पूरी खबर…


