2 जंगली सुअर को मारकर सूखे पत्तों में छिपाया:रायगढ़ में क्लच तार के फंदे से किया शिकार, 4 आरोपी पकड़ाए, 6 फरार

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के जंगल में फंदा लगाकर जंगली सुअर का शिकार किया गया। शिकारियों ने शवों को सूखे पत्तों से छिपा दिया था, लेकिन वन अमला ने उसे खोज निकाला और 4 शिकारियों को धरदबोचा है। वहीं 6 फरार आरोपियों की पतासाजी की जा रही है। मामला धरमजयगढ़ वन मंडल का है। मिली जानकारी के मुताबिक धरमजयगढ़ वन मंडल के कोयलार सर्किल के राजा जंगल में जंगली सुअर का शिकार करने के लिए फंदा लगाया गया था। शिकारियों ने क्लच तार से फंदा बनाया और शिकार करने लगे। तभी इसकी भनक वनकर्मियों को लग गई। ऐसे में उन्होंने उच्चाधिकारियों को मामले की सूचना दी। जहां वन अमला तत्काल मौके लिए रवाना हुआ। वनकर्मियों के द्वारा जंगल में छानबीन की जा रही थी। तभी दो संदिग्ध ग्रामीणों को भागते देखा गया। तब वनकर्मियों ने जगमोहन राठिया (60) और बोधराम राठिया (51) को दौड़ाकर पकड़ा। इसके बाद उन्हें रेंज कार्यालय लाकर पूछताछ की गई। 10 लोग शामिल होना बताया आरोपियों ने बताया कि गांव के करीब 10 लोग शिकार के लिए फंदा लगाए थे। इसके लिए सभी ने पहले योजना बनाई और फिर तार लगाया। 3 शिकारी तार के करीब खड़े हो गए और बाकी के 7 शिकारी जंगली सुअर को दौड़ाते हुए फंदा तक लाए। जब दो जंगली सुअर उस फंदे में फंस गए। जंगली सुअर के मुंह पर टांगी से किया वार तब पहले से खड़े तीनों शिकारियों ने टांगी से उनके मुंह के पास वार कर दिया। इससे दोनों जंगली सुअर की मौत हो गई। इसके बाद मरे हुए जंगली सुअर को जंगल में ही आग से भुना गया, लेकिन इसी बीच उन्हें वनकर्मियों के आने की भनक लगी, तो मृत जंगली सुअर के शव गड्ढे में सूखे पत्तों से दफना कर भाग रहे थे। तभी वन अमला ने उन्हें पकड़ लिया।​​​​​​​ जंगल से बरामद किया जंगली सुअर का शव पूछताछ के बाद एक शिकारी को जंगल ले जाकर वहां छिपाए गए दोनों जंगली सुअर के शव के साथ ही फंदा तार, टांगी बरामद किया गया। इसके बाद वन अमला बाकी आरोपियों की तालाश करते हुए कोयलार गांव पहुंचा। जहां सनतराम राठिया (56), नेतराम चौहन (41) को पकड़ा गया। बाकी के 7 शिकारी गांव से फरार हो गए।​​​​​​​ फरार आरोपियों की तालाश जारी इस संबंध में धरमजयगढ़ एसडीओ बाल गोविंद साहू ने बताया कि फरार आरोपियों की पतासाजी की जा रही है। वहीं आज जंगली सुअर का पोस्टमॉर्टम के बाद अंतिम संस्कार किया गया। शिकारियों के खिलाफ वन्यप्राणी सरंक्षण अधिनियम के तहत अपराध कायम कर न्यायालय में पेश किया गया। जहां से उन्हें रिमांड में जेल भेज दिया गया है।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *