भास्कर न्यूज | अमृतसर अवर्डा कंपनी में काम कर रहे सफाई कर्मियों ने 2 माह का वेतन नहीं मिलने पर मिनी सचिवालय स्थित डीसी दफ्तर और नगर निगम दफ्तर के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। मुलाजिम जसपाल सिंह, मुनीश, राजकुमार, निशान सिंह, अवतार व अन्य कर्मियों ने बताया कि 8 साल पहले साल 2017 में 6 हजार रुपए महीने वेतन पर ज्वाइन किया था। साल 2024 तक 2 हजार रुपए वेतन बढ़ाया गया और 8 हजार रुपए तक पहुंचे थे। इसी में गाड़ियों की मेंटीनेंस का काम भी देखना पड़ता था। बेरोजगारी के कारण इतनी कम सैलरी में काम करते थे। अब वह भी छिन जाएगा तो परिवार का खर्च कैसे चलाएंगे। उन्होंने मांग की कि कच्चे तौर पर काम करने वाले सभी मुलाजिमों को आउटसोर्स पर रखा जाए। ताकि खुद व परिवार का पेट भर सकें। दरअसल, अवर्डा कंपनी को गुरुनगरी में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन का टेंडर 2016 में मिला था। जिसकी अवधि 2041 तक थी। लेकिन बीच में ही कंपनी ने काम छोड़ने का नोटिस निगम को दिया था। 22 अक्टूबर 2025 से कंपनी काम नहीं करेगी। ऐसे में कंपनी ने जितने भी प्राइवेट मुलाजिम हायर किए थे अब उनकी नौकरी पर संकट आ गया है।


