विक्की कुमार | अमृतसर तहसीलों में फर्जी रजिस्ट्रियों पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। अब तहसीलों में रजिस्ट्री करवाने आए खरीदार और विक्रेता दोनों की आधार आधारित ई-केवाईसी अनिवार्य होगी। इस संबंध में सभी जिलों के सब-रजिस्ट्रारों को लिखित हिदायतें जारी कर दी हैं। सरकार की योजना के अनुसार पहले इस व्यवस्था को ट्रायल के तौर पर लागू किया जाएगा। ट्रायल सफल रहने के बाद प्रदेश की सभी तहसीलों में पूरी तरह से लागू कर दिया जाएगा। हर तहसील में आधार ई-केवाईसी के लिए मशीनें भी उपलब्ध करवाई जाएंगी, ताकि रजिस्ट्री प्रक्रिया के दौरान ही खरीदार और विक्रेता की पहचान का तुरंत सत्यापन हो सके। बता दे कि अब तक तहसीलों में कई फर्जी रजिस्ट्रियों के मामले सामने आ चुके हैं। डिस्ट्रिक रेवेन्यू अफसर (डीआरओ) नवकीरत सिंह रंधावा ने कहा कि सरकार की ओर से ई-केवाईसी को लेकर लिया गया फैसला सराहनीय है। आधार लिंक वेरिफिकेशन से फर्जी रजिस्ट्रियों पर रोक लगेगी। एडवोकेट और वसीका नवीस महिंदर पाल गुप्ता का कहना है कि पंजाब सरकार का यह फैसला सराहनीय है। सरकार के इस फैसले से तहसीलों में होने वाली फर्जी रजिस्ट्रियों पर लगाम लगेगी। अभी तक कई ऐसे मामले आ चुके हैं जो फर्जी आधार के साथ रजिस्ट्रियां करवाकर चले गए। सरकार का फैसला चाहे देर से आया है, लेकिन अच्छा है। अब किसी भी व्यक्ति को यह डर नहीं रहेगा कि उसकी संपत्ति से जुड़ा कोई फर्जीवाड़ा हो सकता है।


