नर्मदापुरम के इटारसी वन परिक्षेत्र में 2.04 करोड़ रुपये की बेसकीमती सागौन की अवैध कटाई का मामला एक बार फिर चर्चा में है। यहां माफिया द्वारा 1242 सागौन सहित कुल 1280 पेड़ों की कटाई की गई थी। इतने बड़े नुकसान के बावजूद अब तक संबंधित डीएफओ पर आरोप पत्र जारी नहीं होने से प्रदेश के प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख वीएन अम्बाड़े नाराज हो गए हैं। वन बल प्रमुख ने नर्मदापुरम के मुख्य वन संरक्षक (सीसीएफ) अशोक कुमार को नाराजगी जाहिर करते हुए पत्र लिखते हुए कहा है कि इतनी बड़ी शासकीय क्षति के बाद भी डीएफओ के खिलाफ कोई ठोस अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने इसे निर्देशों की अवहेलना और गंभीर अनुशासनहीनता बताया है। आरोप पत्र नहीं देने पर कार्रवाई की चेतावनी पत्र में साफ कहा गया है कि सीसीएफ को पहले ही फोन पर डीएफओ के खिलाफ तत्काल आरोप पत्र जारी करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद अब तक कार्रवाई नहीं होना आदेशों की अवमानना है। वन बल प्रमुख ने निर्देश दिए हैं कि डीएफओ के खिलाफ तुरंत आरोप पत्र तैयार कर भेजा जाए और देरी का कारण बताते हुए तीन दिन के भीतर लिखित जवाब भी दिया जाए। जवाब संतोषजनक नहीं होने पर सीसीएफ के खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। माफिया ले गए करोड़ों की सागौन लकड़ी इटारसी परिक्षेत्र की छीपीखापा बीट में माफिया ने 1242 सागौन और 38 सतकटा पेड़ों की कटाई की। जांच में सामने आया कि पहले केवल 356 पेड़ों की कटाई बताई गई थी, जबकि बाद में सच्चाई सामने आने पर 700 से ज्यादा ठूंठों का अपराध प्रकरण दर्ज करना पड़ा। इस अवैध कटाई से शासन को करीब 2 करोड़ 4 लाख रुपये का नुकसान हुआ। गलत रिपोर्ट से बड़े अधिकारी बचे आरोप है कि डीएफओ ने कटे पेड़ों की संख्या कम बताई, जिससे शुरुआती कार्रवाई में सिर्फ छोटे कर्मचारी और अधिकारी फंसे, जबकि बड़े अधिकारी बच गए। बाद में भोपाल से आई उड़नदस्ते की जांच टीम ने असली स्थिति उजागर की। इसके बाद डीएफओ पर कार्रवाई की सिफारिश की गई, लेकिन सीसीएफ स्तर पर मामला अटका रहा। कई कर्मचारियों को नोटिस, डीएफओ पर अब भी कार्रवाई नहीं मामले में अब तक एसडीओ, रेंजर, वनपाल और कई वनरक्षकों को नोटिस और आरोप पत्र दिए जा चुके हैं, लेकिन डीएफओ पर कार्रवाई नहीं होने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। सीसीएफ ने भेजा जवाब वन बल प्रमुख के पत्र के बाद सीसीएफ अशोक कुमार चौहान ने डीएफओ के खिलाफ आरोप पत्र जारी करने की प्रक्रिया शुरू करने की जानकारी देते हुए जवाब भेज दिया है। इस पूरे मामले पर वन बल प्रमुख वीएन अम्बाड़े ने कहा कि छीपीखापा में बड़े स्तर पर सागौन की कटाई हुई है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


