पलामू जिले में पुलिस विभाग की सख्त कार्रवाई सामने आई है। पिपराटांड़ थाना प्रभारी सुबोध कुमार को जमीन विवाद के एक मामले में 20 हजार रुपए मांगने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई एसपी रीष्मा रमेशन ने की है। शिकायत के अनुसार, सुबोध कुमार ने जमीन के मामले को सुलझाने के नाम पर एक दलाल के माध्यम से 20 हजार रुपए की मांग की थी। इस संबंध में जोनल आईजी के स्तर पर शिकायत पहुंची, जिसके बाद इसकी जांच शुरू की गई। जांच में पाया गया कि आरोप सही हैं, जिसके बाद एसपी ने तत्काल प्रभाव से सुबोध कुमार के निलंबन का आदेश जारी कर दिया। पुलिस विभाग के भीतर इस कदम को भ्रष्टाचार पर सख्ती के तौर पर देखा जा रहा है। दोबारा विवादों में आया पिपराटांड़ थाना पिपराटांड़ थाना कोई पहली बार विवादों में नहीं आया है। इस साल की शुरुआत में भी यहां तैनात एक थाना प्रभारी को अफीम तस्करों के साथ मिलीभगत की शिकायत के बाद निलंबित किया गया था। उसी के बाद शहर थाना में पदस्थापित सब इंस्पेक्टर सुबोध कुमार को पिपराटांड़ का नया थाना प्रभारी बनाया गया था। अब वही दुबारा आरोपों में घिरकर निलंबित किए गए हैं। निलंबन के बाद प्रशासनिक फेरबदल भी किया गया है। किशनपुर ओपी प्रभारी नीलेश कुमार को पिपराटांड़ का नया थाना प्रभारी नियुक्त किया गया है, जबकि सब इंस्पेक्टर रंजीत कुमार सिंह को किशुनपुर ओपी की जिम्मेदारी दी गई है। अफीम की खेती से भी जूझता है पिपराटांड़ निलंबित सुबोध कुमार 2018 बैच के सब इंस्पेक्टर हैं और इससे पहले विभिन्न थानों में पदस्थापन के दौरान वे सामान्यत: शांत स्वभाव के अधिकारी माने जाते रहे हैं। लेकिन पिपराटांड़ का क्षेत्र पलामू और चतरा जिले की सीमा पर स्थित है, जहां नक्सली गतिविधियों के साथ-साथ अवैध अफीम की खेती भी बड़ी चुनौती रही है। ऐसे क्षेत्र में थाना प्रभारी की भूमिका बेहद संवेदनशील होती है। पिपराटांड़ में अफीम कारोबार और नक्सली नेटवर्क के कारण पुलिस की हर गतिविधि पर स्थानीय लोग और उच्च अधिकारी दोनों ध्यान देते हैं।


