अलवर| शहर को बारिश में जलभराव से राहत दिलाने के लिए यूआईटी ने इस साल मानसून से पहले ड्रेनेज सिस्टम सुधारने की बड़ी कवायद शुरू की है। पटरी पार क्षेत्र में 18 करोड़ रुपए की लागत से बरसाती नालों का निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यूआईटी 200 फीट बाईपास पर तिजारा रोड और दिल्ली रोड पर 10 करोड़ रुपए की लागत से बरसाती नाले बनाएगी। दिल्ली रोड पर मूंगसका और 200 फीट बाईपास के आसपास की कॉलोनियों में ड्रेनेज काम होगा। वहीं 200 फीट बाईपास के पास खुदनपुरी और मन्नका रोड पर 2.60 करोड़ रुपए से बरसाती नाला बनेगा। वैशाली नगर और वेयर हाउसिंग गोदाम योजना के बीच 120 फीट रोड पर शेष नाले का निर्माण 2 करोड़ रुपए से होगा। यूआईटी 14.60 करोड़ रुपए नालों पर खर्च करेगी। इसके साथ ही भवानी तोप सर्किल से मोती डूंगरी दोनों ओर, एसएमडी सर्किल से नंगली सर्किल तक और अलवर रिसोर्ट 200 फीट बाईपास से अहीर बास तक 4.55 करोड़ रुपए से डामरीकरण होगा। यूआईटी के एक्सईएन कुमार संभव अवस्थी ने बताया कि करीब 20 करोड़ रुपए के कामों के टेंडर लगाए गए हैं। 3 फरवरी को तकनीकी बिड खोली जाएगी और फरवरी में ही टेंडर प्रक्रिया पूरी कर वर्कऑर्डर जारी करने की योजना है। नेहरू गार्डन की जगह ऑल एबिलिटी पार्क अंबेडकर नगर में बनेगा: दिव्यांग बच्चों के लिए बनने वाले ऑ ल एबिलिटी पार्क के स्थान में दूसरी बार बदलाव किया गया है। यूआईटी अब पार्क को अंबेडकर नगर के सी ब्लॉक में बनाएगी। पहले भी यही स्थान तय किया गया था, लेकिन 4 सितंबर की यूआईटी ट्रस्ट मीटिंग में इसे नेहरू गार्डन शिफ्ट कर दिया गया और वहां के लिए टेंडर प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई। लेकिन अब स्थान को फिर से अंबेडकर नगर कर दिया गया है। यूआईटी ग्रेटर विशाखापट्टनम की तर्ज पर प्रदेश का पहला दिव्यांग पार्क विकसित करेगी। इसमें दृष्टिहीन और अस्थिबाधित बिना बाधा के घूम सकेंगे। पानी में खेलने की सुविधा होगी। फुटपाथ पर रंग और उभरे अक्षर मार्गदर्शन करेंगे, जबकि दीवारों पर उभरी पेंटिंग्स होंगी, जिन्हें छूकर महसूस किया जा सकेगा।


