मेडिकल स्टोर की आड़ में नशे का कारोबार करने वाले एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर सदर थाने की पुलिस ने सोमवार को जेल भेज दिया। आरोपी का नाम शैलेश कुमार है और वह सदर थाना क्षेत्र के भाभानगर स्थित रोड नंबर-6 में रहता था। कोकर के तिरिल मोड़ के पास शैलेश तान्या मेडिकल हॉल नाम से दवा दुकान चलाता था। हालांकि दवा दुकान की आड़ में वह युवाओं के बीच नशा परोस रहा था। इसकी जानकारी जैसे ही थानेदार कुलदीप कुमार को मिली, छापेमारी कर संचालक को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने मेडिकल स्टोर से नशीले सिरप के अलावा टैबलेट और कैप्शूल बरामद किए हैं। इसके बाद पुलिस की टीम ने उसके घर पर भी छापेमारी की, जहां से भारी मात्रा में नशीला सिरप और टैबलेट मिली। पुलिस ने सभी दवा जब्त कर आरोपी शैलेश कुमार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की पूछताछ में शैलेश ने कहा है कि वह पिछले दो वर्ष से नशीली दवा सप्लाई कर रहा था। उसके 200 से ज्यादा परमानेंट ग्राहक थे। वे सभी दुकान पर आने से पहले फोन कर पूछते थे कि सिरप और टैबलेट या कैप्सूल है या नहीं। शैलेश ने यह भी बताया है कि सभी ग्राहक दवा खरीदने के लिए कोड वर्ड का इस्तेमाल करते थे। सिरप के लिए पानी की बोतल व कैप्शूल के लिए ब्लू दवा कोडवर्ड था। वहीं ग्राहक टैबलेट के लिए टेन शब्द का इस्तेमाल करते थे। गिरफ्तार आरोपी ने पुलिस के समक्ष कई महत्वपूर्ण जानकारी दी है, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। छात्रों को टारगेट कर बेचता था नशीली दवा, 5 किमी. दूर से भी आते थे ग्राहक
मेडिकल स्टोर संचालक शैलेश विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के छात्रों को टारगेट कर नशीली दवा की सप्लाई करता था। हालांकि उसको पुलिस से पकड़े जाने का डर भी सता रहा था। यही वजह है कि वह कुछ महीने पहले से ग्राहकों को सख्त हिदायत दे रखा था कि दवा मांगने के लिए कोड वर्ड में ही बातचीत करें। कोकर के अलावा रिम्स तालाब, बुटी मोड़ स्थित पीएचईडी चौक, लालपुर स्थित वर्दवान कंपाउंड और कांटाटोली समेत विभिन्न जगहों से ग्राहक पहुंचते थे। 5 किलोमीटर दूर से ग्राहक नशीली दवा लेने के लिए तान्या मेडिकल स्टोर आते थे। 240 रु. में बेचता था एक बोतल कोरेक्स पुलिस जांच में जानकारी मिली है कि मेडिकल स्टोर संचालक निर्धारित मूल्य से अधिक दाम पर नशे की तरह इस्तेमाल होने वाला सिरप और टैबलेट बेचता था। एक बोतल कोरेक्स सिरप का 240 रुपए और एक टैबलेट का 40 रुपए लेता था। वहीं एक कैप्सूल 10 रुपए में बेचता था। गिरफ्तार शैलेश ने पुलिस को बताया है कि सिरप के साथ टैबलेट की डिमांड ज्यादा होती थी। तीन कैप्सूल के बराबर एक टैबलेट ही काम करता है। ऐसे में नशा करने वाले लोग टैबलेट ही ज्यादा लेते थे। दुकान व घर से ये दवाएं बरामद


