2018 में पीडब्ल्यूडी ने धूरी रोड ओवरब्रिज के नीचे बनाया था पार्क, 2021 में खत्म हुआ कांट्रैक्ट, बिजली का कनेक्शन कटा

सरकार की बेरुखी से बेजान हुए पार्क में लोगों ने नई जान फूंकी है। जिस पार्क पर ध्यान न देने के चलते पौधे सूख गए थे अब वहां पर चारों ओर हरियाली दिखाई दे रही है। सुबह-शाम मुबारक महल, खलीफा बाग और पुनिया कॉलोनी के दर्जनों लोग सैर करने के लिए आते हैं। बच्चे यहां झूलों पर खेलते हैं। पार्क की दीवारों पर पेंटिंग करवाई गई है जोकि वातावरण साफ रखने के साथ लोगों को पुरातत्व सभ्याचार का संदेश दे रही है। पार्क प्रतिनिधि बलदेव सिंह, स्वर्णजीत सिंह, कुलदीप सिंह व मनधीर सिंह ने बताया कि पार्क के साथ कॉलोनी की फिरनी रोड वाली सडक पर 38 पौधे लगाए गए। सभी पौधों पर ट्री गार्ड लगाए गए। पूरे पार्क पर पेंट करवाया गया है। बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों को चालू किया गया है। कॉलोनी में 50 पौधे लगाए जा चुके हैं। पार्क की संभाल पर करीब 10 हजार रुपए प्रति माह खर्च हो रहा है। इसे लोग अपने स्तर पर खर्च कर रहे है। लोग अपने बच्चों के जन्मदिन, शादी की वर्षगांठ व अन्य खुशी के समागम पर पार्क के लिए फंड देते हैं। पुनिया कॉलोनी के लोगों की मांग पर 2018 में पीडब्ल्यूडी ने संगरूर-लुधियाना स्टेट हाईवे-11 रेलवे लाइन पर बने ओवरब्रिज के नीचे पार्क बनवाया था। 2 साल तक इसकी देखरेख पीडब्ल्यूडी बागवानी विभाग की ओर से की गई। लोगों की चहलकदमी को देखते हुए इसकी मेंटेनस का कांट्रेक्ट एक साल के लिए फिर बढ़ा दिया गया। मार्च 2021 में इसका कांट्रैक्ट खत्म हो गया। इसके बाद देखरेख के अभाव में बिजली का कनेक्शन काट दिया गया। पानी न मिलने के कारण पार्क में लगे पौधे सूखने लगे। लोगों ने कई बार प्रशासन व नेताओं के पास इसकी देखरेख की गुहार लगाई। कोई सुनवाई न होने पर कॉलोनी निवासियों ने बैठक कर पार्क को खुद संभालने का फैसला लिया। इसके लिए एक 11 सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया। इसके अब 100 से अधिक मेंबर हो चुके है। मेंबरों से 500 रुपए प्रति महीना फंड इकट्ठा करना शुरू किया गया। जल्द ही लोगों की मेहनत रंग लाने लगी। एक-एक कर कमेटी के साथ लोग जुड़ते गए। पार्क में बिजली का कनेक्शन लगवाया गया। पौधों को पानी लगाने के लिए 200 फीट पाइप, स्प्रे करने वाली मशीन, खाद आदि चीजों का प्रबंध करना शुरू कर दिया गया। कमेटी के कनवीनर बहादर सिंह लौंगोवाल ने बताया कि पार्क संभाल व वेलफेयर सोसायटी का गठन कर इसे रजिस्टर करवाया गया। कमेटी का बैंक में खाता खुलवाने के बाद उसमें फंड जुटाना शुरू किया गया। लोगों की बैठक कर पार्क में काम करवाने के लिए योजना तैयार की गई। इसके रखरखाव के लिए दो माली रखे गए। पार्क के दोनों गेटों की मरम्मत करवाने के साथ साथ झूले व ट्री गार्ड लगवाए गए। चारों ओर बिजली के कनेक्शन लगाए गए। साफ-सफाई के लिए डस्टबिन रखे गए है। वातावरण सबंधी जागरूक करते 20 बोर्ड लगाए गए है।

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