2024 में ऐसे ही कई चौंकाने वाले वीडियो सामने आए। इन्हें लाखों लोगों ने देखा, शेयर किया। भास्कर ने आपके लिए जुटाए हैं ऐसे ही 10 वीडियो…. 1. अलवर में पूर्व सांसद मानवेंद्र सिंह की कार का एक्सीडेंट
अलवर के नौगांवा के पास खुसपुरी (हरियाणा बॉर्डर) में 30 जनवरी को पूर्व विदेश मंत्री जसवंत सिंह के बेटे पूर्व सांसद मानवेंद्र सिंह के परिवार के एक्सीडेंट हो गया था। घटना का लाइव वीडियो सामने आया था। हादसे में मानवेंद्र सिंह की पत्नी चित्रा सिंह की मौत हो गई थी। मानवेंद्र सिंह, उनका बेटा हमीर सिंह और ड्राइवर घायल हो गए थे। घायलों को गुरुग्राम रेफर किया गया था। एक्सीडेंट के फुटेज में दिखा कि कार की गति करीब 200 किमी प्रति घंटा थी। कार बेकाबू होकर एक्सप्रेस-वे से नीचे उतर गई और डिवाइडर पर बने अंडर पास की दीवार से टकरा गई। वीडियो से यह भी साफ हुआ कि एक्सप्रेस-वे पर कार की किसी वाहन या जानवर से टक्कर नहीं हुई थी। 2. जैसलमेर में बॉर्डर पर इंडियन एयरफोर्स ने दिखाई ताकत
भारत-पाकिस्तान बॉर्डर से सटे राजस्थान के पोकरण (जैसलमेर) फायरिंग रेंज में 17 फरवरी को भारतीय वायु सेना ने अपनी ताकत दिखाई। ‘वायु शक्ति’ युद्धाभ्यास के दौरान पूरी फायरिंग रेंज में युद्ध जैसा माहौल दिखा था। युद्धाभ्यास में तीन चेतक हेलिकॉप्टर ने फ्लैग पास्ट किया। राफेल विमान 1300 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से फायरिंग रेंज में उतरे। युद्धाभ्यास में दुश्मनों के 16 ठिकानों को तबाह किया गया। इसमें हवाई पट्टी, कमांड सेंटर, ब्रिज, हथियारों का डिपो, टैंक शामिल रहे। युद्धाभ्यास के दौरान दो जगुआर ने आसमान में से 2700 किलोग्राम का बम गिराकर दुश्मन के फ्यूल सिस्टम को उड़ा दिया। सुखोई ने 4400 किग्रा बम गिराकर ठिकाने नेस्तनाबूद कर दिए। तेजस, मिग और राफेल ने भी दुश्मन के ठिकानों पर हमला कर उनके सिक्योरिटी सिस्टम को ध्वस्त कर दिया। 3. पोकरण में क्रैश हुआ तेजस, आग का गोला बना
जैसलमेर का पोकरण इलाका 12 मार्च को तेजस क्रैश से दहला। पोकरण में ‘भारत शक्ति युद्धाभ्यास’ चल रहा था। तेजस फाइटर जेट जैसलमेर शहर से 2 किमी दूर जवाहर नगर स्थित भील समाज के हॉस्टल पर जा गिरा। तेजस के क्रैश होने की यह पहली घटना थी। उस समय हॉस्टल के उस कमरे में कोई नहीं था। इससे ज्यादा नुकसान नहीं हुआ। जिस वक्त तेजस क्रैश हुआ, कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत सेना के बड़े अधिकारी मौजूद थे। इंडियन एयरफोर्स के फाइटर प्लेन में एक ही पायलट था, जो क्रैश से पहले इजेक्ट हो गया था। 4. उदयपुर में बंदूक की दुकान में धमाका, 25 फीट उछले शव
उदयपुर के हिरण मगरी इलाके में इस साल 11 जून को एक बंदूक की दुकान में जोरदार धमाका हुआ। धमाका होते ही दुकान मालिक और वहां काम करने वाला मजदूर 25 फीट उछलकर सड़क पर जा गिरे। दुकान की सीढ़ियों पर बारिश का पानी था। दुकानदार एक मजदूर के साथ विस्फोटक से भरा कार्टन पहली मंजिल पर ले जा रहा था। गीली सीढ़ियों पर दोनों के पैर फिसले और गिरते ही तेज धमाका हुआ। खिड़की-दरवाजों के साथ ही कांच टूटकर बिखर गए। दोनों के शवों के चीथड़े 25 फीट दूर तक जाकर गिरे। 5. लूणी नदी में पानी आया तो नाचने लगे लोग
बाड़मेर से इस साल 7 अगस्त को मन को खुश करने वाली तस्वीरें आईं। पश्चिमी राजस्थान के इलाकों में इस बार मानसून में जोरदार बारिश हुई। ऐसे में रेगिस्तान में सूखी पड़ी लूणी नदी में भी पानी आया। अजमेर और जोधपुर से होते हुए ये नदी बाड़मेर के रेगिस्तानी इलाके में पहुंची तो लोग नाचने लगे। पांच साल में दूसरी बार लूणी नदी उफान आई थी। लोगों ने चुनरी ओढ़ाकर-पूजा अर्चना कर नदी का स्वागत किया। 6. आग की लपटों से मुंह निकालकर दी अग्नि परीक्षा
इस साल 27 सितंबर को उदयपुर से गवरी डांस का शानदार वीडियो सामने आया। आग की लपटों के ऊपर से मुंह, हाथ-पैर और सीने को निकालते हुए गवरी नृत्य कलाकारों के वीडियो खूब शेयर किए गए। इस साल 40 दिनों तक कलाकारों ने अपने घर से दूर रहकर अग्नि परीक्षा दी। गवरी में ‘माता जी का होला डालने’ की रस्म रात 12 बजे के बाद हुई। इससे पहले माता जी के मंदिर में इसकी अनुमति ली गई। ऐसी ही अग्नि परीक्षा इस साल उदयपुर शहर के आयड स्थित गवरी माता के मंदिर में हुई। रात 12 बजे गवरी में भाग लेने वाले खास सदस्य ( भोपा , राई और बुढ़िया सहित करीब 10 लोगों ने स्वांग रचा) अपने मुंह और सीने को आग की लपटों के ऊपर से निकालकर पवित्रता को साबित किया। जब तक गवरी नृत्य चला कलाकारों ने गवरी के नियमों को निभाया। हरी सब्जी, मांस-शराब का सेवन नहीं किया, नंगे पर रहे। 7. सांचौर में हाईवे पर उतरे तेजस और जगुआर लड़ाकू विमान
राजस्थान के सांचौर में 8 अप्रैल को सड़क पर तेजस, जगुआर जैसे लड़ाकू विमान उतरे। भारत-पाकिस्तान बॉर्डर से 40 किमी दूर सांचौर से गुजर रहे भारतमाला प्रोजेक्ट हाईवे (NH 925 ए) पर 3 किमी लंबी एयर स्ट्रिप तैयार की गई। आम दिनों में यहां से चार पहिया वाहन गुजरते हैं, लेकिन युद्ध की स्थिति में इमरजेंसी के दौरान विमानों को उतारने के लिए यहां एयर स्ट्रिप तैयार की गई है। इस एयर स्ट्रिप को वायु सेना को सौंप दिया गया है। एयर स्ट्रिप का हैंडओवर लेने से पहले वायु सेना ने तेजस लड़ाकू विमान की लैंडिंग कराई थी। इसके बाद फाइटर जेट जगुआर और एंटोनोव AN-32, C295 जैसे ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट ने लैंडिंग की थी। C295 से एयर स्ट्रिप पर वायु सेना के गरुड़ कमांडो भी उतरे और युद्ध के दौरान दुश्मन से लड़ने की प्रैक्टिस की थी। 8. उदयपुर- पूर्व राजघराने का झगड़ा हिंसक हुआ
इस साल 25 नवंबर को उदयपुर के पूर्व राजपरिवार का आपसी झगड़ा खूनी संघर्ष में तब्दील हो गया। राजतिलक की रस्म के बाद उदयपुर के सिटी पैलेस में धूणी माता के दर्शन पर अड़े विधायक विश्वराज सिंह मेवाड़ और उनके चाचा अरविंद सिंह मेवाड़ के समर्थकों के बीच 25 नवंबर की देर रात पत्थरबाजी हो गई। इस पत्थरबाजी में कई पुलिसवाले और समर्थक घायल हो गए। महाराणा प्रताप का वंशजों में ऐसा टकराव देख हर कोई आहत हुआ। इस घटना के बाद जिला प्रशासन ने उदयपुर सिटी पैलेस की विवादित जगह को कुर्क कर रिसीवर नियुक्त किए। प्रशासन ने सिटी पैलेस पर एक नोटिस भी चस्पा किया। झगड़े से पहले प्रशासन ने दोनों पक्षों में विवाद शांत कराने के लिए बात की थी, लेकिन सहमति बनने की बजाय विवाद और बढ़ा और बात हिंसा तक आ गई थी। 9. आग का गोला बन गए लोग
जयपुर में 20 दिसंबर को एलपीजी टैंकर ब्लास्ट हुआ। दैनिक भास्कर के पास घटना के वक्त का एक्सक्लूसिव वीडियो आया। वीडियो में हर तरफ आग नजर आई। लपटों से झुलसे लोग सड़क पर भागते हुए दिखे। हाईवे पर आग की लपटें फैलती हुई और आगे बढ़ती दिखीं। इस भीषण हादसे में 20 लोगों की मौत हो गई। भारत पेट्रोलियम का टैंकर अजमेर से जयपुर की तरफ आ रहा था। भांकरोटा (जयपुर) इलाके में दिल्ली पब्लिक स्कूल के सामने टैंकर ने यू-टर्न लिया था। जयपुर से आ रहे ट्रक ने टैंकर को टक्कर मार दी थी। इसमें टैंकर के 5 नोजल टूट गए और 18 टन गैस लीक हो गई थी। इसके बाद गैस लीक हुई और ब्लास्ट से 200 मीटर का इलाका आग के गोले में तब्दील हो गया। धमाके की आवाज डेढ़ किलोमीटर तक सुनाई दी थी। 10. जयपुर: रिहायशी इलाके में घुसा लेपर्ड, भीड़ पर हमला
7 दिसंबर को जयपुर के विद्याधर नगर इलाके के रिहायशी इलाके में लेपर्ड के घुसने का वीडियो चर्चा में रहा। लेपर्ड गार्डन से अपार्टमेंट और सड़क पर दौड़ता रहा। लेपर्ड ने तीन लोगों पर हमला भी किया। वन विभाग की टीम ने उसे ट्रैंकुलाइज कर पकड़ा। यह लेपर्ड सीपीडब्ल्यूडी गार्डन में पौधों के पीछे दिखाई दिया था। नाहरगढ़ वन क्षेत्र से लगने के कारण विद्याधर नगर इलाके में यह लेपर्ड आया था। 4 घंटे तक इलाके में दहशत का माहौल रहा था।


