2026 में एम्स में मिलेगा मॉडर्न ट्रीटमेंट:ऑर्गन ट्रांसप्लांट ओटी से गामा नाइफ तक होगा शुरू, 2025 में हुए 3 हार्ट, 17 किडनी ट्रांसप्लांट

मध्यप्रदेश के हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर मॉडर्न ट्रीटमेंट की दिशा में बढ़ रहा है। साल 2026 को ध्यान में रखते हुए एम्स भोपाल ने ऐसी आधुनिक सुविधाएं शुरू करने का ऐलान किया है जो अब तक मरीजों को देश के महानगरों में तलाशनी पड़ती थीं। एम्स में अलग से ऑर्गन ट्रांसप्लांट ऑपरेशन थिएटर, मॉडर्न आईसीयू भवन, नई क्रिटिकल केयर यूनिट, गामा नाइफ मशीन, पेट स्कैन और रोबोटिक सर्जरी व टेस्टिंग केंद्र की शुरुआत इनमें प्रमुख हैं। ट्रांसप्लांट के लिए ही तैयार होगा ओटी
एम्स भोपाल ने साल 2026 के लिए जो रोडमैप तैयार किया है, वह राजधानी ही नहीं बल्कि पूरे मध्य भारत के लिए अहम माना जा रहा है। नए साल में संस्थान में अलग से अंग प्रत्यारोपण ऑपरेशन थिएटर शुरू किए जाएंगे। इन ओटी में हृदय, फेफड़े, लिवर, किडनी और कॉर्निया जैसे सभी प्रमुख अंगों का प्रत्यारोपण एक ही छत के नीचे संभव होगा। इससे ट्रांसप्लांट से जुड़े जटिल मामलों में समय की बचत होगी और मरीजों की सुरक्षा भी बढ़ेगी। बनेगा चार मंजिला आईसीयू भवन
गंभीर मरीजों के बढ़ते दबाव को देखते हुए एम्स भोपाल कैंसर ब्लॉक के पास चार मंजिला मॉडर्न आईसीयू भवन तैयार कर रहा है। यहां हाई एंड मॉनिटरिंग सिस्टम, वेंटिलेटर सपोर्ट और मल्टी डिसिप्लिनरी क्रिटिकल केयर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसके साथ ही नई क्रिटिकल केयर यूनिट शुरू होने से गंभीर मरीजों के लिए बेड क्षमता में वृद्धि होगी। गामा नाइफ और PET-CT स्कैन से कैंसर इलाज होगा सटीक
एम्स भोपाल में गामा नाइफ मशीन और पेट स्कैन सुविधा की शुरुआत कैंसर मरीजों के लिए गेमचेंजर साबित होगी। गामा नाइफ तकनीक से बिना चीरा लगाए ब्रेन ट्यूमर और न्यूरोलॉजिकल बीमारियों का सटीक इलाज संभव होगा। वहीं, PET-CT स्कैन से कैंसर की शुरुआती पहचान और स्टेजिंग आसान होगी, जिससे समय पर इलाज शुरू किया जा सकेगा। रोबोटिक सर्जरी और ट्रेनिंग सेंटर भी होगा शुरू
आधुनिक सर्जरी के क्षेत्र में एम्स भोपाल रोबोटिक सर्जरी और प्रशिक्षण केंद्र शुरू करने जा रहा है। इससे जटिल सर्जरी अधिक सटीकता और कम जोखिम के साथ की जा सकेंगी। साथ ही युवा डॉक्टरों और सर्जनों को उन्नत तकनीक पर प्रशिक्षण भी मिलेगा, जिससे संस्थान की अकादमिक क्षमता और मजबूत होगी। 2025 में एम्स भोपाल की उपलब्धियां
साल 2025 एम्स भोपाल के लिए उपलब्धियों से भरा रहा। जनवरी 2025 में मध्य प्रदेश का पहला सफल हृदय प्रत्यारोपण कर संस्थान ने इतिहास रच दिया। इसके बाद अब तक तीन हृदय प्रत्यारोपण और 17 किडनी प्रत्यारोपण सफलतापूर्वक पूरे किए गए। पहली बार संस्थागत ब्रेन-डेड अंगदान प्रक्रिया भी सफल रही, जिससे कई मरीजों को नया जीवन मिला। एम्स भोपाल के डॉक्टरों ने 2025 में कई दुर्लभ और जटिल सर्जरी को अंजाम दिया। इनमें रोबोटिक स्पाइन सर्जरी, हाइब्रिड कार्डिएक सर्जरी, हार्ट वाल्व रिप्लेसमेंट, पेट की महाधमनी का इलाज, छाती से तीन किलो का ट्यूमर निकालना और जबड़े का पुनर्निर्माण शामिल है। ट्रांस मैन के लिए की गई पहली टॉप सर्जरी ने भी संस्थान को राष्ट्रीय पहचान दिलाई। ‘स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार’ अभियान के तहत राज्यभर में निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए गए, जिनसे 14 हजार से अधिक लोगों को सीधा लाभ मिला। नेत्रदान को बढ़ावा देने के लिए क्यूआर कोड आधारित जागरूकता अभियान भी शुरू किया गया। डिजिटल ओपीडी में देश में दूसरा स्थान
डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं में एम्स भोपाल ने बड़ी उपलब्धि हासिल की। डिजिटल ओपीडी पंजीकरण के क्षेत्र में संस्थान को देशभर में दूसरा स्थान मिला। इससे मरीजों को लंबी कतारों से राहत मिली और पंजीकरण प्रक्रिया अधिक पारदर्शी व समयबद्ध हुई। शैक्षणिक और संस्थागत स्तर पर भी एम्स भोपाल ने अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। IIRF रैंकिंग 2025 में देश में 31वां और नए एम्स में पहला स्थान, WURI 2025 में विज़नरी लीडरशिप श्रेणी में 34वीं रैंक और इंडिया टुडे एमडीआरए 2025 में छठा स्थान हासिल किया गया।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *