प्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने ललितपुर-सिंगरौली नई रेल लाइन परियोजना को लेकर बड़ा अपडेट दिया है। रीवा में आयोजित एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में उन्होंने स्पष्ट किया कि जमीन अधिग्रहण (भू-अर्जन) की वजह से अब इस प्रोजेक्ट का काम नहीं रुकेगा। सरकार ने लक्ष्य तय किया है कि साल 2028 तक इस रेल लाइन को पूरा कर जनता के लिए शुरू कर दिया जाएगा। 9 हजार करोड़ का प्रोजेक्ट, 541 किमी लंबा सफर लगभग 9 हजार करोड़ रुपये की लागत वाली यह महत्वाकांक्षी रेल परियोजना विंध्य और बुंदेलखंड क्षेत्र की तस्वीर बदल देगी। ललितपुर-सतना-रीवा-सीधी होते हुए सिंगरौली तक जाने वाली यह 541 किलोमीटर लंबी लाइन रीवा, सतना और सिंगरौली जैसे शहरों को सीधे दिल्ली और अन्य बड़े महानगरों से जोड़ देगी। इससे न केवल यात्रियों का सफर आसान होगा, बल्कि क्षेत्र में व्यापार और निवेश के नए रास्ते भी खुलेंगे। सीधी तक बढ़ेगी रेवांचल एक्सप्रेस बैठक में रेल कनेक्टिविटी को लेकर एक और महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। माना जा रहा है कि इसी साल अप्रैल के अंत तक भोपाल के रानी कमलापति स्टेशन से रीवा आने वाली ‘रेवांचल एक्सप्रेस’ का विस्तार सीधी तक किया जा सकता है। इससे सीधी जिले के लोगों को प्रदेश की राजधानी के लिए सीधी ट्रेन सेवा मिलने लगेगी। अधिकारियों को तेजी से काम के निर्देश उपमुख्यमंत्री ने बैठक में मौजूद कमिश्नर, कलेक्टरों और रेलवे के आला अधिकारियों को आपसी तालमेल के साथ काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास की इस राह में आने वाली हर बाधा को प्राथमिकता से दूर किया जाए। सिंगरौली कलेक्टर गौरव बैनल सहित अन्य अधिकारियों ने विश्वास दिलाया कि निर्माण कार्य को गति दी जा रही है। उपमुख्यमंत्री ने इस प्रोजेक्ट को विंध्य और बुंदेलखंड के आर्थिक विकास के लिए मील का पत्थर बताया।


