21 जनवरी को श्री अखंड पाठ साहिब आरंभ , 22-23 जनवरी को मेला, सुरक्षा के कड़े प्रबंध, शाम 6 से रात 12 बजे तक गुरमत…

सतीश कपूर | अमृतसर बस स्टेंड से मात्र 7 किलोमीटर दूर स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री छेहर्टा साहिब में सालाना बसंत पंचमी का मेला 22 और 23 जनवरी को मनाया जा रहा है। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी और इलाके की संगत के सहयोग से आयोजित होने वाले मेले की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।मेले के उपलक्ष्य में 21 जनवरी को श्री अखंड पाठ साहिब आरंभ किए जाएंगे, जिनके भोग 23 जनवरी को अरदास के उपरांत डाले जाएंगे। गुरुद्वारा साहिब के मैनेजर गुरप्रीत सिंह खैराबाद ने बताया कि 22 जनवरी शाम 6 बजे से रात 12 बजे तक गुरमत समागम और धार्मिक दीवान सजाए जाएंगे। शाम 7 से 7:30 बजे तक श्री हरमंदर साहिब के ग्रंथी सिंह साहिब ज्ञानी गुरमिंदर सिंह कथा द्वारा संगत को निहाल करेंगे। शाम 7 से 8 बजे तक विशेष दस्तार बंदी समागम होगा। अगले दिन 23 जनवरी को सुबह से शाम 4 बजे तक विशेष ढाडी दरबार सजेगा, जिसमें भाई गुरु प्रताप सिंह पदम और जगदीश सिंह वडाला सहित कई प्रसिद्ध जत्थे गुरु-इतिहास सुनाएंगे। मेले में देश-विदेश से आने वाली हजारों संगत के ठहरने के लिए सराय का पुख्ता इंतजाम किया गया है। गुरुद्वारा साहिब की पूरी इमारत को रंग-बिरंगी रोशनी और गेंदा, गुलाब आदि से सजाया जाएगा। मेले में स्टीम से लंगर भी तैयार करने के लिए मशीन का इंतजाम किया गया है ताकि गुरु घर का प्रसादा सभी को मिल सके। माथा टेकने आने वाली संगत के लिए फ्री मेडिकल कैंप होगा। मेले में आने वाली संगत के लिए खाने पीने के स्टाल के अलावा झूलों का खास प्रबंध किया गया है। इन झूलों में बैठकर बच्चे और महिलाएं मेले का आनंद उठा सकेंगे। इसके अलावा गुरु घर के दास संतों की ओर से दूध और गन्ने के रस की खीर, काफी, पकौड़े, आइसक्रीम की व्यवस्था की जाएगी। इस मेले में एसजीपीसी सदस्य मगविंदर सिंह खापड़खेडी, बीबी किरणजोत कौर, बावा सिंह गुमानपुरा समेत कई एसजीपीसी सदस्य पहुंचेंगे। गुरुद्वारा साहिब के मैनेजर गुरुप्रीत सिंह खैराबाद के मुताबिक बसंत पंचमी मेले को लेकर ट्रैफिक व्यवस्था ठीक करने को पुलिस को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि मेले को देखते हुए पुलिस चौपहिया वाहन जैसे ट्रक बसें और बड़ी गाड़ियां गुमानपुरा के रास्ते सन साहिब को निकलेंगी। जबकि सवारी ऑटो वालों को छेहर्टा चौक से वापस भेजा जाएगा। उन्होंने प्रताप बाजार के दुकानदारों को अपनी दुकानों के आगे रेहड़ी फड़ी न लगवाने की अपील की है। मेले दौरान पुलिस प्रशासन छेहर्टा चौक के आस-पास लगीं फल और खाने पीने की रेहड़ियां न लगवाए ताकि ट्रैफिक जाम न हो। गुरुद्वारा साहिब के मैनेजर गुरप्रीत सिंह खैराबाद ने बताया कि वैसे तो साल में 12 पंचमियां होती हैं। जिसमें संगत माथा टेकने गुरुद्वारा साहिब में आती हैं। परंतु बसंत पंचमी मेला साल में एक बार लगता है। वहीं पुत्र रत्न की प्राप्ति होने वाले परिवार बैंड बाजे के साथ बच्चों को लेकर माथा टेकने आते हैं। उन्होंने कहा कि पंचम पातशाह श्री गुरु अर्जुन देव जी ने अपने बेटे और छठे पातशाह श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी के जन्म की खूशी में कुआं खुदवाकर 6 हर्टें लगाई थीं। यह 6 हर्टें आज भी गुरु साहिब के द्वारा खुदवाए कुएं में लगी हुई हैं। जिसे देखने के लिए आज भी दूर दराज से संगत आती है अगौर कुएं का जल घरों में लेकर जाती है। इन हर्टों की बजह से गुरुद्वारा साहिब का नाम ‘छेहर्टा साहिब’ रखा गया है। वहीं इलाके का नाम छेहर्टा भी इसी के नाम से पड़ा है।

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