21 जिला प्रमुखों की जगह कलेक्टरों ने संभाली कमान:222 प्रधानों का चार्ज एसडीएम को; चुनाव होने तक  विकास योजनाओं और बजट पर अफसर करेंगे फैसला

प्रदेश की 222 पंचायत समितियों के प्रधानों और 21 जिला प्रमुखों का कार्यकाल 9 दिसंबर को खत्म होने के बाद आज से प्रशासक लगा दिए गए हैं। अब पंचायत चुनाव के बाद जिला परिषद और पंचायत समिति बोर्ड की पहली बैठक होने तक जिला प्रमुख का चार्ज कलेक्टर और प्रधान का चार्ज एसडीएम के पास रहेगा। वहीं जिला प्रमुखों,प्रधानों के साथ पंचायत समिति सदस्यों और जिला परिषद सदस्यों का कार्यकाल भी पूरा हो गया है। ऐसे में चुनाव होने तक विकास योजनाओं और बजट पर फैसला कलेक्टर व एसडीएम करेंगे। पंचायत चुनाव अगले साल के बीच में होने के आसार हैं। इन 21 जिला परिषदों में कलेक्टरों ने संभाली कमान
जैसलमेर, उदयपुर, बाड़मेर, अजमेर, पाली, भीलवाड़ा, राजसमंद, नागौर, बांसवाड़ा, बीकानेर, बूंदी, चित्तौड़गढ़, चूरू, डूंगरपुर, हनुमानगढ़, जालौर, झालावाड़, झुंझुनूं, प्रतापगढ़, सीकर, टोंक शामिल है। सरकार ने दो दिन पहले किया था फैसला
पंचायतीराज विभाग ने दो दिन पहले ही कार्यकाल खत्म होने वाली पंचायत समितियों में एसडीएम और जिला परिषदों में कलेक्टर को प्रशासक लगाने का फैसला किया था। सरपंचों की तर्ज पर प्रधान कर रहे थे कार्यकाल बढ़ाने की मांग
सरपंचों की तर्ज पर प्रधान भी कार्यकाल बढ़ाने की मांग कर रहे थे। इसे लेकर प्रधानों ने पंचायतीराज मंत्री से लेकर कई स्तर पर बात की थी। मुख्यमंत्री तक भी मांग पहुंचाई गई थी लेकिन सरकार ने प्रधानों की मांग नहीं मानी। पहले अपनाई जाती रही व्यवस्था के अनुसार पंचायत समितियों में एसडीएम को प्रशासक लगाने का फैसला किया गया। पंचायतों में सरपंचों को ही प्रशासक लगाकर बढ़ाया गया था कार्यकाल
प्रदेश की ज्यादातर पंचायतों का कार्यकाल पूरा होने के बाद भी चुनाव समय पर नहीं हुए। सरकार ने मौजूदा सरपंचों को ही प्रशासक बनाकर कार्यकाल बढ़ा दिया। सरपंचों और वार्ड पंचों की एक कमेटी बनाकर चुनाव होने तक उसे ही प्रशासक के पावर दे दिए। अब तक ग्राम सचिव प्रशासक लगते रहे हैं। इस बार सरकार ने नया पैटर्न अपनाया लेकिन जिला परिषदों और पंचायत समितियों में अफसरों को ही जिम्मेदारी दी गई। ये खबर भी पढ़िए- राजस्थान में 15 अप्रैल तक होंगे पंचायत-निकाय चुनाव:हाईकोर्ट का फैसला, 31 दिसंबर तक परिसीमन की प्रक्रिया पूरी करें राजस्थान हाईकोर्ट ने सरकार को पंचायत और निकाय चुनाव 15 अप्रैल 2026 तक कराने के निर्देश दिए हैं। (पढ़िए पूरी खबर)

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