गुना में नए साल के दूसरे दिन शुक्रवार को मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया। सीजन के पहले घने कोहरे ने पूरे जिले को आगोश में ले लिया। सुबह से शाम तक धूप नहीं निकली, जिससे लोग दिन भर ठिठुरते रहे। कोहरे का सीधा असर तापमान पर पड़ा है। गुरुवार के मुकाबले शुक्रवार को अधिकतम तापमान में 7 डिग्री की बड़ी गिरावट दर्ज की गई। पारा 24 डिग्री से लुढ़ककर सीधे 17 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। वहीं, न्यूनतम तापमान 12.6 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। विजिबिलिटी घटी, अलाव का सहारा
हाड़ कंपाने वाली सर्दी से बचने के लिए लोग जगह-जगह अलाव जलाकर तापते नजर आए। घने कोहरे के कारण विजिबिलिटी काफी कम रही। इसका असर ट्रैफिक पर भी पड़ा। शहर के व्यस्त इलाकों में वाहनों की आवाजाही रोजाना की तुलना में काफी कम देखी गई। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि कड़ाके की ठंड का यह दौर आने वाले कुछ दिनों तक लगातार जारी रहेगा। फसलों के फूल झड़ने का डर
खेती-किसानी के लिहाज से इस मौसम को मिला-जुला माना जा रहा है। अधिकांश किसानों के लिए यह कोहरा फसलों के लिए फायदेमंद है। लेकिन जिन किसानों ने समय से पहले बोवनी कर दी थी, उनकी चिंता बढ़ गई है। ऐसी फसलों में फूल आ चुके हैं, जो ठंड और कोहरे के कारण झड़ सकते हैं। इससे आंशिक नुकसान की आशंका जताई जा रही है। बुजुर्गों-बच्चों को सावधानी की सलाह
ठंड के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने भी एडवाइजरी जारी की है। उन्होंने बच्चों और बुजुर्गों को ठंड से बचने के लिए विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।


