27 फरवरी को नहीं जलेगा यूका का कचरा:सुप्रीम कोर्ट ने मप्र सरकार से कहा- हमें बताएं वहां कचरा जलने पर कोई नुकसान नहीं होगा

27 फरवरी को पीथमपुर में यूनियन कार्बाइड का कचरा नहीं जलाया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान मप्र सरकार से कहा कि जब तक याचिका में जताई गई आशंकाएं सही नहीं पाई जातीं तो हम हस्तक्षेप नहीं करेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने मौखिक निर्देश देते हुए कहा कि क्या पीथमपुर में भोपाल गैस त्रासदी स्थल से रासायनिक कचरे के निपटान के संबंध में याचिका में जताई गई आशंकाओं में कोई दम है, और क्या अधिकारियों ने आसपास के नागरिकों के लिए खतरे की आशंकाओं को दूर करने के लिए पर्याप्त कदम उठाए हैं। सुप्रीम कोर्ट जस्टिस बीआर गवई और एजी मसीह की पीठ इस मामले में सुनवाई कर रही है। मंगलवार को याचिकाकर्ता चिन्मय मिश्र के वकील ने कोर्ट को बताया कि 17 फरवरी को नोटिस जारी करने के बाद, एमपी उच्च न्यायालय ने 18 फरवरी को 27 फरवरी से 10 मीट्रिक टन का ट्रायल चलाने का आदेश दिया है। इस मामले को 27 फरवरी को ही सुप्रीम कोर्ट द्वारा सुनवाई कर अंतरिम आदेश पारित किया जाए। मप्र सरकार के वकील ने जवाबी हलफनामा दाखिल करने के लिए 2 दिन का समय मांगा। इस पर जस्टिस गवई ने कहा कि ​​27 फरवरी तक राज्य को अपने हाथ रोक लेना चाहिए। आप हमें 27 फरवरी को ही संतुष्ट कर दें और बताएं कि आपने सभी सावधानियां बरती हैं और कुछ भी होने की आशंका नहीं है। आपने पर्याप्त देखभाल की है और कोई खतरा नहीं है, तो हम रास्ते में नहीं आएंगे। राज्य सरकार 27 फरवरी को वहां उठाए गए कदमों के बारे में पूरी रिपोर्ट लेकर आएं। संभागायुक्त बोले – अभी नहीं जलाएंगे यूका का कचरा दैनिक भास्कर से चर्चा करते हुए संभागायुक्त दीपकसिंह ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट में केस विचाराधीन है, अभी कचरा जलाने के लिए कोई आदेश नहीं आया है। इसलिए हम उस दिन कचरा नहीं जलाएंगे। सोमवार को जस्टिस गवई की छुट्‌टी के कारण टल गई थी सुनवाई इससे पहले, सोमवार को राज्य सरकार को सुप्रीम कोर्ट में यह बताना था कि यदि पीथमपुर में यूनियन कार्बाइड का कचरा जलाने के दौरान कोई घटना होती है तो उसके पास क्या इंतजाम हैं और उसने इसके लिए क्या तैयारी की है। हालांकि, न्यायमूर्ति के अवकाश पर होने के कारण सुनवाई स्थगित कर दी गई। इसके बाद, याचिकाकर्ता ने तुरंत ही शीघ्र सुनवाई के लिए आवेदन दे दिया। 17 फरवरी को हुई सुनवाई में कोर्ट ने सरकार से इस संबंध में विस्तृत जवाब मांगा था। याचिकाकर्ता चिन्मय मिश्र ने बताया कि सोमवार को सरकार को अपना जवाब पेश करना था, लेकिन न्यायमूर्ति बी.आर. गवई के अवकाश पर होने के कारण सुनवाई टल गई। हमने तत्काल ही शीघ्र सुनवाई का आवेदन प्रस्तुत कर दिया था। जस्टिस बी.आर. गवई और जस्टिस आगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के 3 दिसंबर 2024 और 6 जनवरी 2025 के आदेशों को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई के लिए सहमत हो गई थी। याचिकाकर्ता चिन्मय मिश्र ने एडवोकेट सर्वम ऋतम खरे के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में कहा कि वह पीथमपुर में 337 टन खतरनाक रासायनिक कचरे के निस्तारण को लेकर चिंतित हैं। निस्तारण स्थल से एक किलोमीटर के दायरे में कम से कम चार-पांच गांव स्थित हैं। इन गांवों के निवासियों का जीवन और स्वास्थ्य अत्यधिक जोखिम में है। यह उल्लेखनीय है कि ‘गंभीर नदी’ औद्योगिक क्षेत्र के बगल से बहती है और ‘यशवंत सागर बांध’ को पानी उपलब्ध कराती है। पीथमपुर पहुंचे पटवारी और हरीश चौधरी मंगलवार को कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और नवनियुक्त कांग्रेस कमेटी प्रभारी हरीश चौधरी पीथमपुर पहुंचे। मीडिया से बातचीत में पटवारी ने यूनियन कार्बाइड के कचरे को लेकर भाजपा पर निशाना साधा। पटवारी ने मुख्यमंत्री को चुनौती दी कि वे कंपनी के आसपास के इलाकों में पानी की सैंपलिंग करवाएं। उन्होंने कहा कि भाजपा न्यायालय की आड़ में भोपाल गैस त्रासदी का कचरा पीथमपुर में जलाना चाहती है। उन्होंने दावा किया कि जांच में गंभीर बीमारियों के कीटाणु मिलेंगे। पटवारी ने कहा कि पीथमपुर और इंदौर के लोगों ने भाजपा को वोट दिया, लेकिन भाजपा उन्हें यूनियन कार्बाइड का जहरीला कचरा दे रही है। यह खबर भी पढ़ें… यूका कचरा जलाने के ट्रायल रन को हाईकोर्ट की मंजूरी:पीथमपुर में 3 चरण में नष्ट किया जाएगा 30 मीट्रिक टन वेस्ट; 27 मार्च को पेश होगी रिपोर्ट मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे के निपटान के ट्रायल रन की मंजूरी दे दी है। इसके तहत 30 मीट्रिक टन कचरा जलाने के लिए तीन ट्रायल रन किए जाएंगे। पहले चरण में 135 किलो वेस्ट प्रति घंटा, दूसरे में 180 किलो और तीसरे चरण में 270 किलो कचरा प्रति घंटा नष्ट किया जाएगा। मंगलवार को मामले पर हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस सुरेश कुमार कैत और जस्टिस विवेक जैन की बेंच के सामने सुनवाई हुई। इसमें राज्य सरकार को ट्रायल रन का पहला चरण 27 फरवरी और दूसरा चरण 4 मार्च को करने को कहा गया है। तीनों चरणों की रिपोर्ट को सेंट्रल पॉल्यूशन बोर्ड के सामने रखा जाएगा। इसके बाद कंपाइल रिपोर्ट 27 मार्च को हाईकोर्ट के सामने पेश की जाएगी। यहां पढ़ें पूरी खबर

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