डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (डीएसपीएमयू) में यूथ फेस्ट स्पंदन के ईस्ट जोन फेस्ट के लिए चयन विवाद और स्कूल ऑफ मैनेजमेंट द्वारा आयोजित जायका फूड फेस्टिवल को स्थगित करने को लेकर छात्र संगठनों द्वारा 28 घंटे से जारी तालाबंदी शुक्रवार को समाप्त हो गई। डीन स्टूडेंट वेलफेयर (डीएसडब्ल्यू) डॉ. सर्वोत्तम कुमार ने हस्तक्षेप करते हुए दोनों मांगों पर सहमति दी और इससे संबंधित नोटिफिकेशन जारी कर दी गई। फोक डांस की टॉपर टीम को ईस्ट जोन फेस्ट में शामिल नहीं करने की जांच के लिए कमेटी गठित की जाएगी। वहीं जायका फूड फेस्ट को स्थगित कर दिया गया है। बताते चलें कि आदिवासी छात्र संघ (एसीएस) और आजसू द्वारा दोनों मांगों को लेकर गुरुवार को प्रशासनिक भवन में ताला जड़ दिया गया था। ताला जड़े रहने के कारण ऑफिस से संबंधित कार्य पूर्ण रूप से ठप रहा। यह है पूरा मामला यूथ फेस्ट स्पंदन 22–24 दिसंबर 2025 तक आयोजन हुआ था। इसमें फोक डांस ट्राइबल 15 सदस्यीय टीम टॉपर रही, लेकिन टॉपर टीम का ईस्ट जोन यूथ फेस्ट बालासोर के लिए चयन नहीं किया गया। नियम के अनुसार टॉपर टीम को ईस्ट जोन फेस्ट में शामिल करने का प्रावधान है। दूसरा मुद्दा स्कूल ऑफ मैनेजमेंट के जायका फूड फेस्टिवल को रद्द करने को लेकर था। आजसू के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष बबलू महतो ने कहा कि छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगा। एसीएस के ट्राइबल अध्यक्ष विवेक तिर्की ने कहा कि आदिवासी छात्रों के साथ भेदभाव हो रहा है। मीडिया प्रभारी सुमित उरांव ने कहा कि मामला पूरी चयन प्रणाली पर सवाल खड़ा करता है। मौके पर मुख्य रूप से दिनेश उरांव, लालेश्वर उरांव, सीमा, सतीश, योगेश, रवि, परसनाथ, नीरज, अजीत महतो समेत अन्य स्टूडेंट्स मौजूद थे। यूथ फेस्ट के कोऑर्डिनेटर डॉ. विनय भारत, डॉ. शालिनी, डॉ. रजनी प्रशासनिक भवन पहुंचे, जहां तालाबंदी कर रहे छात्र धरना पर बैठे थे। को-आर्डिनेटरों ने स्पष्ट कहा कि सौंपे गए दायित्वों का बखूबी निर्वहन किया गया। इसमें किसी प्रकार त्रुटि नहीं थी। ईस्ट जोन टीम भेजना हमारा काम नहीं था।


