जिले की ओबरी पंचायत के रोदापाल फला की 3 मासूम बहनों के सिर से मां-बाप का साया उठ चुका था, लेकिन जानकारी के अभाव में पालनहार योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा था। पंचायत प्रशासक की संवेदनशीलता के चलते समस्या का समाधान हुआ। अब सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ सीधे दादी के खाते में पहुंचेगा। जिससे इन तीन बहनों का पालन-पोषण सही तरीके से हो सकेगा। डूंगरपुर जिले की ओबरी पंचायत के रोदापाल फला की रहने वाली तीन बहनें मनीषा, रेखा और रंजना के साल 2019 में पिता की मौत हो गई थी। पिछले साल मां भी नाता विवाह कर उन्हें छोड़कर चली गईं। वहीं, पीछे रह गईं तीन बेटियां और उनकी एक बूढ़ी दादी। दादी के सामने इन बच्चियों के लालन पोषण की एक बड़ी जिम्मेदारी सामने आ गई थी, लेकिन जानकारी के अभाव में पालनहार जैसी योजना का पात्र होते हुए भी लाभ नहीं मिल पा रहा था। ओबरी पंचायत व प्रशासक और ई-मित्र संचालक की पहल ओबरी के प्रशासक शंकरलाल डामोर के पास पहुंचा। उन्होंने और ई-मित्र संचालक बलवंत सिंह चौहान ने मिलकर ठान लिया। इन बच्चियों का हक उन्हें दिलाकर रहेंगे। प्रशासक व ईमित्र संचालक ने इन तीन बच्चियों को पालनहार योजना का लाभ दिलाने के लिए सभी दस्तावेज तैयार करके सामाजिक सुरक्षा पेंशन के लिए आवेदन किया। विभागीय अधिकारियों के सहयोग से तीनों बच्चियों की पालनहार योजना की पेंशन शुरू करवाई। अब योजना का लाभ सीधे पहुंचेगा दादी के खाते में ओबरी पंचायत के प्रशासक शंकरलाल ने बताया कि पालनहार योजना में तीनों बच्चियां शामिल हो गई हैं। अगले माह से तीनों बच्चियों को पालनहार योजना का लाभ मिलेगा और उनकी पालनहार की राशि उनकी दादी के खाते में सीधे पहुंचेगी। जिससे इन तीन बहनों का पालन-पोषण सही तरीके से हो सकेगा।


