3 कोच की मेट्रो, 1 ट्रिप…एवरेज 30 पैसेंजर:भोपाल मेट्रो को उम्मीद से कम मिल रहे यात्री; कमर्शियल रन का 1 महीना पूरा

भोपाल में मेट्रो के कमर्शियन रन को 1 महीना पूरा हो गया है। 20 दिसंबर को CM डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री मनोहरलाल खट्‌टर ने मेट्रो का उद्घाटन किया था। अगले दिन 21 दिसंबर से आम लोगों के लिए मेट्रो दौड़ने लगी थी, लेकिन जिस उत्साह से मेट्रो शुरू की गई, नतीजे वैसे नहीं रहे। पैसेंजर नहीं मिलने से 14 दिन में ही न सिर्फ टाइमिंग बदल दी गई, बल्कि ट्रिप भी घटाई। दूसरी ओर, इसकी रफ्तार को लेकर भी सवाल उठे हैं। हालांकि, एक अच्छी बात फेयर कलेक्शन सिस्टम इंस्ट्रॉल करना है। सभी 8 स्टेशन पर सिस्टम लगने शुरू हो गए हैं। एक महीने के अंदर भोपाल मेट्रो ने कई उतार-चढ़ाव देखें। तमाम प्रयास के बावजूद मेट्रो को पैसेंजर नहीं मिल रहे हैं। स्थिति यह है कि दिन में 13 ट्रिप लगाने के बावजूद 300 यात्री भी नहीं बैठ पा रहे। यानी, 3 कोच की एक मेट्रो में प्रति ट्रिप एवरेज 30 यात्री ही बैठ रहे हैं। इतनी कम संख्या का अनुमान मेट्रो कॉरपोरेशन के अफसरों को भी नहीं था। हालांकि, आने वाले दिनों में यह संख्या बढ़ने की उम्मीद भी है। अफसरों का कहना है कि भविष्य में पास सुविधा भी शुरू हो जाएगी। इसलिए डेली अप-डाउनर्स को फायदा मिलेगा। इसके अलावा, स्टूडेंट्स और बुजुर्गों के लिए भी टिकट में छूट दी जा सकती है। 14 दिन में ही घटाई ट्रिप, इसके बाद भी कम हो गई संख्या
इंदौर में 31 मई 2025 को मेट्रो के कमर्शियल रन की शुरुआत की गई थी। यहां पहले ही दिन करीब 26 हजार पैसेंजर मेट्रो में सवार हुए थे। हालांकि, शुरुआती 7 दिन तक इंदौर में मेट्रो में सफर करना फ्री में था, लेकिन भोपाल में ऐसा नहीं किया गया। पहले दिन से ही लोगों को टिकट खरीदना पड़ी। बावजूद पहले दिन कुल 6568 पैसेंजर सवार हुए थे और मेट्रो को टिकट के बदले 2 लाख 5 हजार 350 रुपए मिले थे। इसके बाद पैसेंजर की संख्या घटती गई। 22, 23 ओर 28 दिसंबर को पैसेंजर 2 हजार से ज्यादा थी। वहीं, 25 दिसंबर को क्रिसमस की छुट्‌टी होने से 4264 लोगों ने मेट्रो में सवार किया था। 30 दिसंबर को सबसे कम 967 पैसेंजर मेट्रो में बैठे थे। नए साल के पहले दिन 2023 और दूसरे दिन 1065 यात्रियों ने सफर किया। यात्रियों की कम संख्या की वजह से ही मेट्रो के समय और ट्रिप दोनों में बदलाव कर दिया गया। 3 जनवरी से नया शेड्यूल लागू हो गया। मेट्रो कॉरपोरेशन ने न सिर्फ टाइमिंग बदल दी, बल्कि ट्रिप भी घटा दी है। अब एम्स स्टेशन से सुबह 9 बजे की बजाय दोपहर 12 बजे मेट्रो शुरू हो रही है, जबकि यही से शाम 7.30 बजे आखिरी मेट्रो चल रही है। टाइमिंग-ट्रिप घटाने के बाद भी संख्या नहीं बढ़ी
ट्रेन की टाइमिंग और ट्रिप घटाने के बाद भी यात्रियों की संख्या नहीं बढ़ी है। सिर्फ वीकेंड के दिनों में ही संख्या ज्यादा होती है। बाकी दिनों में यह 300 से 400 के बीच ही रहती है। पिछले 8 दिन (13 से 20 जनवरी तक) की संख्या पर नजर डाले तो करीब 3350 यात्रियों ने सफर किया। 13, 15 और 19 जनवरी को संख्या 300 से भी कम रही। 15 जनवरी को सिर्फ 275 यात्री ही सवार हुए थे। वहीं, 18 जनवरी को रविवार होने की वजह से यह संख्या 1 हजार के करीब पहुंच गई थी। खर्च निकलना भी मुश्किल
मेट्रो चलाने में जितना खर्च हो रहा है, उतना किराया भी नहीं निकल रहा है। जानकारी के अनुसार, प्रतिदिन औसत 10 हजार रुपए किराए के रूप में मिल रहे हैं, जबकि रोज का खर्च करीब 1 लाख रुपए आ रहा है। हालांकि, मेट्रो प्रबंधन का कहना है कि भविष्य में स्टेशन में एटीएम का संचालन, फूड जोन, किड्स जोन आदि बनाए जाएंगे। इससे मेट्रो कॉरपोरेशन को इनकम होगी। अभी इस टाइमिंग पर चल रही है मेट्रो… अब ये है टाइमिंग ये खबरें भी पढ़िए… साइकिल से हार गई मेट्रो…2 किमी में लगे 7 मिनट कहने को भोपाल देश का 26वां मेट्रो शहर है, लेकिन यहां की मेट्रो की रफ्तार ‘कछुआ चाल’ जैसी है। एक स्टेशन से दूसरे स्टेशन तक जाने में 4 से 5 मिनट लग रहे हैं, जबकि दूरी 1 किलोमीटर भी नहीं है। 7 किमी का सफर 25 मिनट का है, लेकिन स्टेशन पर इंटर से एग्जिट करने तक में 1 घंटा तक लग रहा है। इसे लेकर सोशल मीडिया पर मीम्स भी बन रहे हैं। मेट्रो की स्पीड को लेकर उठ रहे इन्हीं सवालों को लेकर दैनिक भास्कर ने 2 तरह से रियलिटी चेक किया। भास्कर के 2 रिपोर्टर ने डीबी मॉल स्टेशन से रानी कमलापति स्टेशन तक मेट्रो में बैठकर सफर किया, जबकि 2 अन्य रिपोर्टर ने साइकिल से मेट्रो से रेस लगाई। दोनों की रेस में साइकिल मेट्रो से आगे निकल गई। करीब दो किमी के सफर में मेट्रो को 7 मिनट लगे, लेकिन यही दूरी साइकिल से महज 3 मिनट में पूरी हो गई। भोपाल मेट्रो की फुल स्पीड 90Km प्रतिघंटा तक है। पढ़े पूरी खबर भोपाल मेट्रो में पहली बार बैठे यात्रियों ने किया डांस भोपाल में रविवार को मेट्रो के कमर्शियल रन का पहला दिन था। सुबह 9 बजे एम्स स्टेशन से मेट्रो का सफर शुरू हुआ। पूरे दिन कुल 17 ट्रिप हुई। इसमें एम्स से सुभाषनगर के बीच 9 और सुभाषनगर से एम्स के बीच 8 ट्रिप शामिल हैं। संडे के दिन मेट्रो में घूमने के लिए लोगों ने खूब दिलचस्पी दिखाई। शाम 5 बजे 5 हजार से ज्यादा लोग घूम चुके थे। वहीं, आखिरी ट्रिप तक यह आंकड़ा करीब 6 हजार यात्री पहुंच गया। पहले दिन बच्चों की टिकट को लेकर विवाद की स्थिति भी बनी। पढ़े पूरी खबर

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