इंदौर में करीब 2 किलोमीटर तक दहशत फैलाने वाला ट्रक ड्राइवर गुलशेर खान और उसका हेल्पर शंकर नशे में धुत थे। हादसे के बाद जब लोगों ने उसे जलते ट्रक से बाहर निकाला तो वह बेसुध हालत में था। गुस्साए लोगों ने उसे पीटा और बाद में रोटरी पर बैठाया। ड्राइवर वहीं सो गया। लंबे समय तक वहीं पड़ा रहने के बाद पुलिस उसे मल्हारगंज थाने ले गई, लेकिन वहां भी उसकी हालत जस की तस रही। अफसर जब पूछताछ के लिए पहुंचे तो गुलशेर को होश ही नहीं था कि उसने रातभर में क्या हंगामा किया। रात को एडिशनल सीपी, डीसीपी और अन्य अफसरों ने उससे पूछताछ की कोशिश की, लेकिन उसके पैर तक संभल नहीं रहे थे। सुबह जब नशा कुछ कम हुआ तो वह पुलिसकर्मियों के सामने गिड़गिड़ाने लगा। इसके बाद अफसर उसे एरोड्रम थाने ले गए, जहां डीसीपी कृष्ण लालचंदानी, एसीपी और टीआई ने उससे पूछताछ की। सीएम ने डीसीपी समेत 8 पुलिसकर्मियों को हटाया
इधर, पूरे घटनाक्रम के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जिम्मेदारी तय करते हुए ट्रैफिक डीसीपी समेत 8 पुलिसकर्मियों को हटा दिया, हालांकि विभाग में इसे लेकर नाराजगी भी है। एसीपी के कहने पर ट्रक छोड़ने की बात सामने आई
हादसे के बाद एडिशनल कमिश्नर अमित सिंह समेत वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। देर रात तक मल्हारगंज में ड्यूटी पर तैनात सूबेदार चंद्रेश मरावी और अन्य पुलिसकर्मियों से करीब 2 बजे तक पूछताछ की गई। इसके अलावा एयरपोर्ट रोड, पोलोग्राउंड और आसपास के क्षेत्रों में तैनात सभी सूबेदारों से भी जानकारी ली गई। पूछताछ में यह बात भी सामने आई कि पुलिस विभाग के एक एसीपी के कहने पर ट्रक को छोड़ा गया था। यही वजह रही कि ट्रक तय समय से पहले नो-एंट्री क्षेत्र में प्रवेश कर गया और यह भीषण हादसा हो गया। मंगलवार को दैनिक भास्कर की टीम सुपर कॉरिडोर पहुंची, जहां हादसे के वक्त सूबेदार चंद्रेश मरावी अपने तीन सिपाहियों के साथ ड्यूटी पर मौजूद थे। ट्रक ने सबसे पहले इसी रास्ते से शहर में प्रवेश किया था। जब मौके पर मौजूद ट्रैफिक पुलिसकर्मियों से चंद्रेश मरावी के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कुछ भी कहने से साफ इनकार कर दिया। वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने कहा- हमें इस मामले में मत घसीटिए, जिम्मेदार अधिकारियों से जानकारी लीजिए। घटनास्थल पर जांच के दौरान ट्रक के अंदर का वीडियो भी बनाया गया, जिसमें प्लास्टिक की बोरियों में सामान भरा हुआ दिखाई दिया। गुजरात से चला, सेंधवा होते हुए पहुंचा इंदौर
ड्राइवर ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि वह पेपर रोल लेकर गुजरात से सेंधवा पहुंचा और फिर इंदौर के राऊ इलाके में माल खाली किया। इसके बाद वह धार रोड से होते हुए सुपर कॉरिडोर और फिर एयरपोर्ट रोड की तरफ आया। चंदन नगर और गांधी नगर के बीच उसने शराब पी। ट्रक को पोलोग्राउंड पहुंचाना था। ट्रैफिक पुलिस ने रोका, फिर भी निकल गया
रास्ते में ट्रैफिक पुलिस ने उसे रोका और उसके पीछे दो जवान भी लगाए, लेकिन उसे उनकी आवाज ही नहीं सुनाई दी। शुरू में कलानी नगर चौराहे तक उसने ट्रक नियंत्रित तरीके से चलाया, लेकिन जैसे ही टक्कर हुई, उसने ट्रक भगाना शुरू कर दिया। पुलिस को शक है कि वह सच छिपा रहा है, क्योंकि इतना बड़ा हादसा करने के बाद भी वह ट्रक लेकर भागने की कोशिश कर रहा था। घटना से पहले ट्रक की रफ्तार कम थी
पुलिस ने सुपर कॉरिडोर से लेकर कालानी नगर चौराहे तक लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज निकलवाए। फुटेज में दिखा कि ट्रक सबसे पहले सुपर कॉरिडोर से शहर की ओर आया। इसके बाद वह एयरपोर्ट और थाने के सामने से गुजरता हुआ कालानी नगर चौराहे को पार करता है। आगे बढ़ते हुए ट्रक सुखदेव नगर स्थित वीएन मोटर्स के पास पहुंचा और यहां कई वाहनों को लगातार टक्कर मार दी। कालानी नगर में जेएमसी होटल के कैमरों में भी ट्रक कैद हुआ है, जहां वह धीरे-धीरे चलता हुआ दिखाई देता है। इसी स्थान से लगभग 500 मीटर आगे यह भीषण हादसा हुआ। हादसे से पहले जाम थी सड़क
वीएन मोटर्स के पास मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि घटना से ठीक पहले सड़क पर जाम जैसी स्थिति बनी हुई थी। चौराहे का सिग्नल खुला ही था कि अचानक ट्रक ने एक के बाद एक कई वाहनों को रौंद दिया। तीन लोग एक ही बाइक से गिर पड़े, जबकि एक व्यक्ति का सिर तक गायब हो गया। लगातार टक्करों से कई गाड़ियां आपस में भिड़ गईं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के बाद ट्रक ड्राइवर ने और ज्यादा रफ्तार पकड़ ली। वह तेज गति से एआरपीटीसी पेट्रोल पंप के पास लगे कैमरों में भी कैद हुआ। आरोपी ड्राइवर गुलरेज ने इसके बाद बड़े गणपति चौराहे से पहले बाइक सवार कैलाशचंद्र जोशी को टक्कर मार दी। हादसे में वह कई फीट तक ट्रक में फंसे घसीटते चले गए। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि इसी दौरान उनकी बाइक से ट्रक में आग भड़क उठी। तीन हिस्सों में बंटा रहता है ट्रैफिक
सुपर कॉरिडोर के आगे आदिनाथ कॉलोनी के पास रॉन्ग साइड पर वाहनों की आवाजाही बनी रहती है। इसी कारण यहां अक्सर वाहन चालकों के बीच टकराव और जाम जैसी स्थिति हो जाती है। इसके बाद एयरपोर्ट के पुराने गेट के पास 60 फीट रोड पर वाहनों की भारी भीड़ जमा रहती है। आगे थाने के सामने से लेकर बीएसएफ, कालानी नगर चौराहा और अंकित होटल वाली गली तक ट्रैफिक का दबाव बना रहता है। एआरपीटीसी के सामने स्थित रामचंद्र नगर चौराहे से लेकर बड़े गणपति तक भी बड़ी संख्या में वाहन चलते हैं, जिससे इस पूरे रूट पर ट्रैफिक का लोड बना रहता है। सिर्फ ट्रैफिक पुलिस पर गिरी गाज
हादसे के बाद सीएम मोहन यादव के इंदौर पहुंचने पर ट्रैफिक डीसीपी अरविंद तिवारी और उनकी टीम को जिम्मेदार ठहराते हुए कार्रवाई की गई। इसमें एक एसीपी, टीआई, एसआई और एएसआई समेत कुल 8 पुलिसकर्मियों को हटा दिया गया। हालांकि ट्रैफिक पुलिस विभाग में इस कार्रवाई को लेकर नाराजगी है। विभाग का कहना है कि एरोड्रम टीआई तरुण भाटी की भी जिम्मेदारी बनती थी, क्योंकि सुपर कॉरिडोर से लेकर बड़े गणपति तक कई बीट एक्टिव रहती हैं। इसके बावजूद केवल ट्रैफिक पुलिस को ही दोषी ठहराया गया है। मृतकों के परिजनों को मुआवजे का ऐलान
मंगलवार को सीएम डॉ. मोहन यादव ने हादसे में घायल हुए लोगों से मुलाकात की। उन्होंने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपए मुआवजा देने का ऐलान किया। घायलों को भी 1-1 लाख रुपए देने की बात कही। हाईकोर्ट ने पुलिस कमिश्नर को तलब किया
इधर, इस घटना पर जबलपुर हाईकोर्ट ने भी संज्ञान लिया है। चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की बेंच ने सुमोटो लेते हुए इंदौर पुलिस कमिश्नर को तलब किया है। हाईकोर्ट ने कहा कि अगली सुनवाई में इंदौर पुलिस कमिश्नर वर्चुअली हाजिर हों और यह बताएं कि शहर में नो-एंट्री रहते हुए ट्रक कैसे घुस गया। हाईकोर्ट ने मामले पर नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। 23 सितंबर को अगली सुनवाई होगी। घटनाक्रम से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें…
मौत का ट्रक; DCP को हटाया, एसीपी सहित 8 सस्पेंड:इंदौर हादसे में 3 मौतों पर सीएम का एक्शन इंदौर में सोमवार शाम को बेकाबू ट्रक करीब एक किलोमीटर तक मौत बनकर दौड़ा। तेज रफ्तार ट्रक ने कई लोगों और वाहनों को कुचलl, टक्कर मारी। शहर के एयरपोर्ट रोड पर इस हादसे में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं इलाज के दौरान एक और युवक ने दम तोड़ दिया। 12 घायलों को अलग-अलग अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पढ़ें पूरी खबर… इंदौर में हेड कॉन्स्टेबल ने युवक पीटा, रोकने पर भी हादसे का वीडियो बना रहा था इंदौर के बड़ा गणपति पर एक हेड कॉन्स्टेबल का युवक को पीटते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। वीडियो में वह युवक को बुरी तरह से जमीन पर पटककर पीट रहा है। बताया जाता है कि हादसे वाली रात वह मोबाइल से वीडियो बना रहा था। इस दौरान अफसरों ने भीड़ को हटाने की बात कही थी, लेकिन युवक नहीं मान रहा था। पढ़ें पूरी खबर


