भास्कर न्यूज | जांजगीर शहरी क्षेत्रों में हर साल भू-जल स्तर तेजी से नीचे जा रहा है, जिसके कारण मार्च तक कई वार्डों में बोरवेल सूखने लगते हैं। जल संकट की इस चुनौती से निपटने के लिए जांजगीर-नैला, अकलतरा और चांपा नगर पालिका क्षेत्रों में तीन स्थानों पर भूमिगत जल रिचार्ज यूनिट बनाए जाएंगे। मानसून के दौरान बहने वाले वर्षा जल को इन यूनिटों के माध्यम से सीधे भूमि में प्रवाहित किया जाएगा, जिससे भू-जल स्तर बेहतर हो सकेगा। राज्य शहरी विकास अभिकरण ने नगर पालिकाओं को इस संबंध में पत्र भेजकर स्थल चयन सहित आवश्यक विवरण मांगा है। इन यूनिटों से पेयजल बोरवेल और भूमिगत जल स्रोतों को रिचार्ज किया जाएगा। 6 लाख रुपए होंगे खर्च: शहर में बनने वाली प्रत्येक यूनिट पर लगभग 6 लाख 22 हजार रुपए की लागत आएगी। यह कार्य पंडित दीनदयाल उपाध्याय भू-जल संवर्धन मिशन (शहरी योजना) के अंतर्गत किया जाएगा। यूनिट का निर्माण वी-वायर तकनीक से किया जाएगा। यह तकनीक भू-जल रिचार्ज और बोरवेल संरक्षण के लिए उपयोग में लाई जाती है। इसमें वी आकार की विशेष स्टेनलेस स्टील वायर से बनी स्क्रीन बोरवेल या इंजेक्शन वेल के भीतर लगाई जाएगी। इस संरचना की वजह से सतह पर गाद, रेत और मिट्टी रुक जाएगी और पानी बिना अवरोध के नीचे की परतों तक पहुंच सकेगा। पहले चरण में प्रदेश के 14 नगर निगम और 56 नगर पालिकाओं में 302 यूनिट तैयार किए जाएंगे। इसके बाद सभी नगरीय निकायों में भूमिगत जलस्तर वृद्धि और बोरवेल रिचार्ज के लिए वी-वायर तकनीक से इंजेक्शन वेल निर्माण किया जाएगा।


