3 बच्चों की मौत, सभी की किडनी फेल:छिंदवाड़ा में 15 दिन से अचानक हो रही मौतें, 9 के सैंपल भेजे; केंद्र सरकार की टीम करेगी जांच

छिंदवाड़ा में बीते 15 दिन में किडनी फेल होने से तीन बच्चों की मौत हो गई। 9 का इलाज अलग-अलग अस्पतालों में चल रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने ICMR (इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च) की टीम को जांच के लिए बुलाया है। मामला परासिया विकासखंड का है। परिजन के मुताबिक, बच्चों को शुरुआत में हल्का बुखार और जुकाम की शिकायत हुई। निजी अस्पतालों में सामान्य इलाज के दौरान अचानक पेशाब की मात्रा कम होने और किडनी इन्फेक्शन की समस्या सामने आई। हालत बिगड़ने पर बच्चों को नागपुर रेफर किया गया, जहां 5 साल 8 महीने के अदनान खान, 4 साल के हितांश सोनी और 2 साल की श्रेया यादव की मौत हो गई। भोपाल से दो सदस्यीय टीम परासिया पहुंची, सैंपल लिए
भोपाल से स्वास्थ्य विभाग की दो सदस्यीय टीम भी परासिया पहुंची है। टीम के सदस्य तीन दिन तक इलाके में रहकर जांच करेंगे। सोमवार को अधिकारियों ने परासिया, न्यूटन चिकली और दूसरे गांवों का दौरा किया। मृतकों के परिजन से बातचीत कर जानकारी जुटाई। देर शाम कलेक्टर शीलेंद्र सिंह ने टीम के साथ मीटिंग की। मां बोली- अदनान पहले कभी बीमार नहीं हुआ
अदनान ने 11 सितंबर​​ जबकि​​​​​ ​​​​​हितांश सोनी ने 14 सितंबर को नागपुर के अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ा। वहीं, श्रेया की मौत 16 सितंबर को हुई। अदनान की मां आफरीन परवीन ने कहा- इससे पहले कभी मेरे बेटे को बुखार तक नहीं आया था। इस बार जब हल्का बुखार आया तो उसे डॉक्टर के पास ले गए। दवा खाने के बाद वह स्वस्थ हो गया था। कुछ दिन बाद दोबारा बुखार आया और उसकी पेशाब बंद हो गई। हम उसे नागपुर ले गए लेकिन बचा नहीं पाए। डॉक्टर ने कहा- रिपोर्ट आने के बाद ही सही कारण पता चलेगा
परासिया में अस्पताल चलाने वाले डॉ. प्रवीण सोनी ने कहा- बारिश का मौसम जाने वाला है जबकि सर्दी की शुरुआत हो रही है। ये समय संक्रमण के लिए संवेदनशील होता है। इस दौरान बच्चों में वायरल बुखार और जुकाम आम है, लेकिन अचानक किडनी इन्फेक्शन होना गंभीर मामला है। उन्होंने बताया कि सैंपल लैब भेजे गए हैं और रिपोर्ट आने के बाद ही सही कारण का पता चलेगा। वहीं, ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर अंकित सहलाम ने कहा- 5 साल तक के बच्चों की स्क्रीनिंग की जा रही है। सर्वे टीम घर-घर जाकर सैंपल ले रही है। कलेक्टर बोले- अस्पताल की लापरवाही मिली तो सख्त एक्शन
कलेक्टर शीलेंद्र सिंह ने कहा कि अचानक किडनी इन्फेक्शन से बच्चों की मौत चिंताजनक है। ICMR की टीम दिल्ली से आकर रिसर्च करेगी। कारणों की पुष्टि होने के बाद निजी अस्पतालों की भूमिका भी जांची जाएगी। लापरवाही पाई गई तो सख्त कार्रवाई होगी। ये खबर भी पढे़ं… मंदसौर में रहस्यमयी बीमारी के 6 मामले, 3 गंभीर मंदसौर का मुल्तानपुरा गांव गुइलेन-बैरे सिंड्रोम (GBS) नाम की खतरनाक बीमारी की चपेट में आ गया है। अब तक यहां 6 लोग जीबीएस पॉजिटिव पाए जा चुके हैं। इनमें से तीन मरीज ठीक हो चुके हैं जबकि तीन अभी भी वेंटिलेटर पर जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं। वहीं, 56 संदिग्ध में से 36 लोगों को मेडिकल ऑब्जर्वेशन में रखा गया है। पढ़ें पूरी खबर…

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